इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन एवं विकास उन्मुख दृष्टिकोण के अनुरूप इंदौर जिले में संचालित विभिन्न अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में तथा उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूर्ण कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार मॉनिटरिंग एवं समीक्षा की जा रही है. इसी क्रम में आज कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में निर्माण एजेंसियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, बाधाओं एवं समाधान संबंधी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक कलेक्टर ने जिले में निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों, ओव्हर ब्रिज, शहरी एवं ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों सहित अन्य विकास परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की. कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सीधे आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी होती है, इसलिए प्रत्येक एजेंसी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य सुनिश्चित करें. बैठक में एडीएम रोशन राय, अपर आयुक्त नगर निगम आकाश सिंह सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे. बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं परियोजनाओं से जुड़े तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।
समन्वय से समस्या का समाधान करें
बैठक के दौरान जिले के कुछ स्थानों पर अतिक्रमण एवं भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं के संबंध में कलेक्टर श्री वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व, नगर निगम एवं संबंधित विभागों के समन्वय से इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए. साथ ही संबंधित प्रकरणों में विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए. समीक्षा के दौरान ग्रीन फील्ड परियोजना से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई. कलेक्टर ने निर्देशित किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य चरणबद्ध रूप से तय समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं.
सुरक्षा मानकों का रखें ध्यान
कलेक्टर श्री वर्मा ने यह भी निर्देश दिए कि सभी निर्माण एजेंसियां कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें। आम नागरिकों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग, लाइटिंग एवं अन्य सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाएं. बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्यों की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों की प्रगति की वास्तविक समय पर समीक्षा की जाए
