
सौंसर। नागपुर-छिंदवाड़ा मार्ग पर स्थित ग्राम धोतकी की सीमा में जंगल से लगकर अवैध रूप से संचालित एक प्लास्टिक फैक्ट्री ग्रामीणों और मूक पशुओं के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। बिना किसी वैध अनुमति के चल रही इस कंपनी द्वारा खुले में डंप किए गए प्लास्टिक कचरे को खाने से पालतू मवेशी और जंगली जानवर लगातार बीमार हो रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पंचायत ने कंपनी को नोटिस जारी कर गेट पर चस्पा कर दिया है।
खुले में कचरा संग्रहण से बढ़ी मुसीबत
ग्राम पंचायत सचिव सरिता डोंगरे ने बताया कि ग्रामीणों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि यहाँ बिना परमिशन के प्लास्टिक के दाने बनाने वाली कंपनी का संचालन किया जा रहा है। कंपनी द्वारा कच्चा और खराब प्लास्टिक खुले मैदान में ही जमा किया जा रहा है। स्थिति इतनी विकट है कि गांव के मवेशी और पास के जंगल से आने वाले वन्यप्राणी इस प्लास्टिक को चारा समझकर खा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
अस्पताल के मरीजों पर भी संकट:
उल्लेखनीय है कि इसी परिसर के पास गावंडेज अस्पताल संचालित है, जहाँ आयुर्वेदिक पद्धति से मरीजों का उपचार किया जाता है। अस्पताल के डॉ. राजेश गावंडे ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि कंपनी से निकलने वाली दुर्गंध और बिखरे प्लास्टिक के कारण यहाँ आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार के बजाय मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी तत्काल बंद नहीं की गई, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर सीधे कलेक्टर से इसकी शिकायत की जाएगी।
नियमों के विरुद्ध है संचालन: वन विभाग
इस मामले में वन विभाग के एसडीओ प्रमोद चोपडे ने स्पष्ट किया कि जंगल के किनारे इस तरह की औद्योगिक इकाई का संचालन विभाग के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने वन्यप्राणियों के स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए इस पर कार्रवाई की बात कही है।
इनका कहना है
हमने पंचायत कर्मचारी के माध्यम से नोटिस जारी कर कंपनी के गेट पर चस्पा कर दिया है। बिना अनुमति ऐसा संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरिता डोंगरे, पंचायत सचिव
