
भोपाल। दूषित पानी की शिकायतों की जांच के लिए आयोजित की जाने वाली नगर निगम की जलसुनवाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम की इस प्रक्रिया को रस्म अदायगी करार देते हुए कहा गया है कि मौके पर पानी की वास्तविक जांच नहीं की जा रही है। मंगलवार को शहर के सभी 85 वार्डों में जलसुनवाई का आयोजन किया गया, लेकिन अधिकांश स्थानों पर वार्ड प्रभारी और जोनल अधिकारी मौजूद नहीं रहे।
वार्ड क्रमांक 36 में हबीबिया स्कूल में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत के बाद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला पानी का सैंपल लेकर वार्ड कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां केवल एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी ही मौजूद मिला। कर्मचारियों ने मौके पर सैंपल की जांच से इनकार करते हुए कहा कि केवल सैंपल एकत्र कर उन्हें प्रयोगशाला भेजा जाता है।
इस लापरवाही के विरोध में शुक्ला ने मौके पर ही टीडीएस मीटर से पानी की जांच की, जिसमें कथित रूप से हानिकारक तत्व पाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी से 33 लोगों की मौत हो चुकी है, फिर भी भोपाल नगर निगम वार्ड स्तर पर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने में विफल है।
कांग्रेस का आरोप है कि नगर निगम ने अब तक 4,000 से अधिक सैंपल एकत्र किए हैं, लेकिन केवल तीन स्थानों की रिपोर्ट ही सार्वजनिक की गई है। शुक्ला ने नगर निगम आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की और कहा कि दूषित पानी से सैकड़ों स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
