नई दिल्ली/इस्लामाबाद | आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सबसे प्रतीक्षित मुकाबले को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। सोमवार को पाकिस्तान सरकार ने औपचारिक रूप से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले मैच में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को आईसीसी और अन्य क्रिकेट बोर्डों के साथ हुई उच्चस्तरीय चर्चाओं से अवगत कराया, जिसके बाद सरकार ने टूर्नामेंट की स्थिरता और वैश्विक क्रिकेट हितों को ध्यान में रखते हुए टीम को मैदान पर उतरने का निर्देश जारी किया।
इससे पहले पाकिस्तान ने सुरक्षा और अन्य कारणों का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ खेलने पर आपत्ति जताई थी, जिससे पूरे टूर्नामेंट के आयोजन पर संकट मंडराने लगा था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने स्पष्ट कर दिया था कि मैच न खेलने की स्थिति में संबंधित बोर्डों पर कड़े प्रशासनिक और आर्थिक जुर्माने लगाए जा सकते हैं। इस बीच, आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को भी राहत देते हुए स्पष्ट किया कि उन पर किसी भी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा और उन्हें भविष्य में (2028-2031) एक आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी का आश्वासन भी दिया गया है।
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला न केवल खेल के लिहाज से बल्कि राजस्व की दृष्टि से भी दुनिया का सबसे बड़ा मैच माना जाता है। यदि यह मैच रद्द होता, तो आईसीसी और ब्रॉडकास्टर्स को करोड़ों डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ता। अब मैच की तारीख तय होने से पूरे क्रिकेट इकोसिस्टम, आयोजकों और दुनिया भर के करोड़ों प्रशंसकों के बीच खुशी की लहर है। इस फैसले से टूर्नामेंट की विश्वसनीयता बनी रही है और अब दोनों देशों की टीमें 15 फरवरी को मैदान पर अपनी चिर-प्रतिद्वंद्वी भिड़ंत के लिए तैयार हैं।

