नई दिल्ली | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सीजन 2025-26 के लिए वार्षिक सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा कर दी है, जिसमें एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए ‘ए+’ (A+) कैटेगरी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। बोर्ड की इस नई रणनीति के तहत अब कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत ‘ए’ कैटेगरी से होगी। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली पर पड़ा है। दोनों दिग्गजों को शीर्ष पायदान से नीचे धकेलते हुए अब ‘बी’ कैटेगरी में जगह दी गई है, जिससे उनकी सालाना कमाई में लगभग 4 करोड़ रुपये की भारी कटौती होने का अनुमान है।
नई सूची में युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को उनके निरंतर शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। उन्हें जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा के साथ सर्वोच्च ‘ए’ कैटेगरी में प्रमोट किया गया है। वहीं, ‘बी’ कैटेगरी में रोहित और विराट के साथ ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल जैसे 11 खिलाड़ियों को रखा गया है। ‘सी’ कैटेगरी में रिंकू सिंह, तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे उभरते हुए सितारों को शामिल किया गया है। बीसीसीआई का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि अब सीनियरिटी के बजाय भविष्य की योजनाओं और मौजूदा फॉर्म को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
पुरुषों के साथ-साथ बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट टीम के लिए भी नई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट जारी की है। महिला वर्ग की ‘ए’ कैटेगरी में कप्तान हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स ने अपनी जगह बरकरार रखी है। बोर्ड ने महिला क्रिकेटरों की मैच फीस और सुविधाओं में सुधार की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। कुल 51 खिलाड़ियों (पुरुष और महिला) को इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा बनाया गया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित और विराट जैसे दिग्गजों का डिमोशन भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत और कार्यभार प्रबंधन की ओर इशारा करता है।

