वेडिंग डेस्टिनेशन अब मिशन, चिंतामन मंदिर पर विवाह का विज़न

उज्जैन: महाकाल की नगरी में उनके ही पुत्र श्री गणेश जी के मंदिर को चिंतामन के नाम से विश्वभर में जाना जाता है, शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर जो अब मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभरने जा रहा है. इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. मंदिर परिसर में अब वैसे ही विवाह समारोह होंगे जिसके लिए लोग अभी निजी होटलों में करोड़ों खर्च करते हैं.

चिंतामन गणेश मंदिर पर अभी उतनी शादियां नहीं हो रही जितनी शहर की नीचे होटल मैरिज गार्डन में हो रही है यहां पर धार्मिक रीति-रिवाज और कम खर्चे में विवाह तो होते हैं, शहरवासियों से अधिक ग्रामीण क्षेत्र के परिवारो में यहां विवाह करने का अधिक चलन है. शुभ तिथियों पर प्रतिदिन 20 से 25 शादियां इस मंदिर पर संपन्न हो रही हैं, जबकि सामान्य दिनों में कई जोड़े केवल वरमाला के लिए पहुंच रहे हैं.

पत्रिका व आशीर्वाद
चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल है. महाकालेश्वर के दर्शन को आने वाले देशभर के श्रद्धालु चिंतामन गणेश के दर्शन भी अवश्य करते हैं. विशेषकर बुधवार को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है. परंपरा अनुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग विवाह से पूर्व श्रीगणेश की पाती रखने और विवाह के बाद नवदंपती को दर्शन कराने यहां लाते हैं. बढ़ती आस्था के चलते अब मंदिर परिसर में विवाह कराने की परंपरा भी तेजी से बढ़ रही है.

रिश्ते बनते ही मंदिर में विवाह
पुजारियों के अनुसार देशभर से आने वाले श्रद्धालु जब मंदिर परिसर में वर-वधुओं की कतारें देखते हैं, तो वे स्वतः ही यहां विवाह कराने की जानकारी लेते हैं. इसी कारण अब अन्य राज्यों से भी लोग अपने बच्चों के लिए अच्छे रिश्ते की कामना के साथ चिंतामन गणेश मंदिर में विवाह कराने को तैयार हैं.

सर्व सुविधा युक्त वेडिंग डेस्टिनेशन
नवभारत से चर्चा में मंदिर प्रबंधक अभिषेक शर्मा ने बताया कि चिंतामन गणेश मंदिर को एक सुव्यवस्थित धार्मिक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. कई नवाचार प्रस्तावित हैं, जिनकी योजना अंतिम चरण में है. उन्होंने बताया कि यह लगभग 10 साल पुरानी योजना है, जो अब धरातल पर उतरने जा रही है. मंदिर परिसर में बड़ा डोम, रसोईघर, विस्तृत पार्किंग और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. समस्त व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संचालित होगी.

सुविधाओं का शुल्क अलग रहेगा
प्रस्तावित योजना के अनुसार वेडिंग डेस्टिनेशन सुविधा का शुल्क अलग रहेगा। 11 हजार रुपये के लगभग पूजन-पाठ, हवन और फेरे आदि की राशि रह सकती है, अभी ये राशि लगभग 5 हजार रुपये के आसपास है. वेडिंग डेस्टिनेशन की अतिरिक्त सुविधाओं का शुल्क अलग होगा और इसका हिसाब-किताब मंदिर के धार्मिक नियमों से पृथक रखा जाएगा.

राम को प्यास लगी, लक्ष्मण ने खोद दी बावड़ी
चिंतामन गणेश मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी विशेष है. मान्यता है कि भगवान श्रीराम वनवास के दौरान उज्जैन आए थे और लक्ष्मण द्वारा बाण से खोदी गई लक्ष्मण बावड़ी आज भी यहां स्थित है. मंदिर में चिंतामन, इच्छामन और मँछामन गणेश की तीन प्रतिमाएं विराजित हैं. यहां जत्रा का आयोजन भी होता है और प्रति बुधवार लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

उज्जैन के पर्यटन को मिलेंगे नए आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु जब इस धार्मिक वेडिंग डेस्टिनेशन को देखेंगे, तो पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और उज्जैन की पहचान धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी स्थापित होगी

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