
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उद्योगपतियों को किसी भी स्थिति में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. सरकार नए उद्योगों के लिए जमीन, नियमों में सरलीकरण और विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा रही है तथा उद्योग बंद होने की स्थिति में भी नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी ग्रेनेक्स इंडिया-2026 के उद्घाटन अवसर पर शुक्रवार को इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि चाहे नया उद्योग स्थापित करना हो या किसी कारणवश उद्योग बंद होने की स्थिति बने, सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों के हितों की रक्षा करेगी.
मुख्यमंत्री ने हुकुमचंद मिल का उदाहरण देते हुए बताया कि सरकार ने पहल कर करीब सात हजार मजदूरों को उनकी मेहनत की राशि दिलवाई. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि किसी उद्योग में ऐसी परिस्थिति बनती है तो सरकार हालात के अनुसार जिम्मेदारी निभाएगी और किसी का नुकसान नहीं होने देगी.
ग्रेनेक्स इंडिया-2026 का आयोजन ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के तत्वावधान में 6 से 8 फरवरी तक बीएपीएस श्री स्वामी नारायण अक्षरधाम मंदिर परिसर, नेमावर रोड चौराहा, इंदौर में किया जा रहा है. प्रदर्शनी में चीन, तुर्की, स्पेन और ताइवान सहित कई देशों की दाल, अनाज और फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी आधुनिक मशीनरी का प्रदर्शन किया जा रहा है.
कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि देशभर की करीब 2300 दाल मिल इंडस्ट्री में से लगभग 1300 बंद हो चुकी हैं. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने टैक्स में काफी कमी की है और अब उद्योग को फिर से आगे बढ़ाना उद्योग जगत की जिम्मेदारी है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह संख्या दोबारा 2300 तक पहुंचेगी.
सुरेश अग्रवाल ने जानकारी दी कि इस प्रदर्शनी में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भाग ले रही हैं. चीन, तुर्की, स्पेन, ताइवान, कोरिया और इंग्लैंड सहित कई देशों की प्रमुख कंपनियां अपनी अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनरी का लाइव डेमो प्रस्तुत कर रही हैं. इसके साथ ही मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत कई राज्यों की कंपनियां भी इसमें शामिल हैं.
प्रदर्शनी में दाल, चावल, आटा, मैदा, मसाले, बेसन, गेहूं, पोहा, मक्का, सोया, पास्ता, मूंगफली, चना, मिलेट्स, बीज और अन्य फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में उपयोग होने वाली मशीनरी व टर्न-की प्लांट्स का प्रदर्शन किया जा रहा है. खास बात यह है कि लगभग सभी कंपनियां अपनी तकनीक का प्रत्यक्ष लाइव प्रदर्शन कर रही हैं, जिससे उद्योग से जुड़े लोगों को उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने और लागत घटाने के नए तरीके सीखने का अवसर मिल रहा है. एसोसिएशन ने दाल मिलर्स, अनाज व्यापारियों, फूड प्रोसेसिंग उद्योगों और निवेशकों से अपील की है कि वे इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में सहभागिता कर नई तकनीकों का लाभ उठाएं और अपने व्यवसाय को नई दिशा दें.
