
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाताओं को समर्थ बनाना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसानों को बगैर बाधा के उनकी उपज का पूरा मूल्य, समय पर मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ सीजन 2025-26 में 51.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन हुआ। उपार्जन के आंकड़े नीतियों की सफलता दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में धान उपार्जन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु और किसान-हितैषी बनाया गया है। इसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान (कॉमन) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई यह वृद्धि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का ठोस प्रयास है। पिछले खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल था। गत सत्र में तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 6 लाख 69 हज़ार 272 धान उत्पादक किसानों से कुल 43 लाख 52 हज़ार 905 मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ सत्र में प्रदेश में 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों (करीब 92 प्रतिशत) ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में भाग लिया। इन किसानों में से 7 लाख 62 हज़ार 620 किसान (89 प्रतिशत) धान विक्रेता के रूप में उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे। इस वर्ष धान उपार्जन के लिए प्रदेश में 1,436 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। इन केंद्रों के जरिए इस सीजन में 51 लाख 74 हज़ार 792 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। उपार्जित धान में से 48 लाख 38 हज़ार 637 मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन भी पूरा कर लिया गया है। परिवहन किए गए धान में से 46 लाख 30 हज़ार 21 मीट्रिक टन धान गुणवत्ता परीक्षण के उपरांत स्वीकार कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपये आंकलित किया गया। इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपार्जन मूल्य से किसानों को आर्थिक संबल मिला है और वे अगली फसल से जुड़े कार्यों की तैयारी भी बड़े आत्मविश्वास के साथ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धान उपार्जन की संपूर्ण प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ भी समय पर प्राप्त हो सके।
