
कुरावर/राजगढ़। हाईवे स्थित कुरावर-नरसिंहगढ़ मार्ग पर तीज बडली के यहां 24 जनवरी को हुई लूट की घटना में शामिल 3 लोगों को पुलिस ने पकडऩे में सफलता प्राप्त की है.
पुलिस के अनुसार 24 जनवरी 2026 को फरियादी गोपाल दास यादव पिता बापूलाल यादव निवासी ग्राम खानपुरा थाना ब्यावरा के द्वारा थाना कुरावर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी चार पहिया वाहन से भोपाल से ब्यावरा जा रहे थे तभी तीज बड़ली के पहले तीन अज्ञात व्यक्तियों ने हाथ का इशारा कर वाहन रुकवाया तथा वाहन रोकने पर उनकी आंखों में मिर्ची डालकर उसी के वाहन में बंधक बना लिया. मारपीट कर उसका मोबाइल फोन एवं पर्स लूट लिया गया. मोबाइल का पासवर्ड पूछकर फरियादी को बंधक बनाए रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर दुकानों के माध्यम से उसके बैंक खाते से 1 लाख 26 हजार 400 रुपये की राशि निकाल ली. पीडि़त किसी तरह इनके चंगुल से भागने में सफल हुआ और थाना कुरावर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने धारा 140(3), 109(6) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया. प्रकरण की सतत मॉनिटरिंग स्वयं पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नरसिंहगढ़ सुश्री मिनी शुक्ला के मार्गदर्शन में कुरावर पुलिस को इसमें महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई. पुलिस ने नेशनल हाईवे पर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान निवासी 3 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार लोगों में संजय उर्फ संजू, पिता घासीलाल उम्र 36 वर्ष निवासी अकलेरा जिला झालावाड़ राजस्थान, रंजीत पिता गुडकीलाल मीणा निवासी ग्राम काजलिया थाना अकलेरा, जिला झालावाड़, जीतमल पिता बाबूलाल मीणा निवासी अकलेरा, जिला झालावाड़ शामिल है. इनके पास से एक लाख छब्बीस हजार चार सौ रुपये नगद जप्त किए गये.
उक्त कार्यवाई में निरीक्षक जितेंद्र सिंह मावई, उप निरीक्षक अरविंद सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक प्रदीप बैरागी, राहुल कारपेंटर, नरेश जाटव, मिथुन जाट, प्रमोद, दीपक यादव , केशव राजपूत थाना नरसिंहगढ़, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र रावत थाना सिटी ब्यावरा, आरक्षक मुकेश मीणा, संदीप, नवल, अंकित, महिला आरक्षक मनीषा पाठक, सैनिक राजेंद्र, तकनीकी टीम से उप निरीक्षक जितेंद्र अजनारे, सहायक उप निरीक्षक शादाब खान, आरक्षक पवन मीणा का विशेष योगदान रहा.
हाईवे पर सुनसान जगह वाहनों को बनाते निशाना
पुलिस के अनुसार ये लोग हाईवे पर सुनसान स्थानों एवं रात्रि के समय चार पहिया वाहनों को निशाना बनाते थे. हाथ से इशारा कर स्वयं को मददगार अथवा प्रोफेशनल व्यक्ति बताकर वाहन रुकवाते थे. वाहन रुकते ही पीडि़त की आंखों में मिर्ची डालकर उसे असहाय बना देते थे तथा पीडि़त को उसी के वाहन में बंधक बनाकर मारपीट एवं भयभीत करते थे. मोबाइल फोन एवं पर्स लूटकर मोबाइल का पासवर्ड लेकर अलग-अलग दुकानों पर खाते से नगदी राशि निकाल लेते थे. पहचान छिपाने चोरी की मोटरसाइकिल का उपयोग कर महंगे होटलों में ठहरते थे.
