नयी दिल्ली 03 फरवरी (वार्ता) सरकार ने कथित “कश्मीरी स्वतंत्रता सेनानियों” द्वारा जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में भारतीय सुरक्षा बलों पर समन्वित हमले करने और कथित तौर पर दस से अधिक जवानों को मार गिराने का दावा करने वाले सोशल मीडिया पर साझा किये जा रहे वीडियो को फर्जी करार दिया है। सरकार ने कहा है कि यह वीडिया वास्तव में एक पुराने हादसे से संबंधित है जिसमें आकस्मिक आग लगने और गैस सिलेंडर विस्फोट की घटना हुई थी।
वीडियो में एक इमारत से तेज़ लपटें उठती हुई दिखाई देती हैं, इसके बाद एक ज़ोरदार विस्फोट और लोगों के चिल्लाने की आवाज़ सुनाई देती है, फिर स्क्रीन पर अंधेरा हो जाता है। एक पोस्ट में दावा किया गया है, ” ब्रेकिंग- कश्मीरी ‘स्वतंत्रता सेनानियों’ ने कथित तौर पर किश्तवाड़ में भारतीय सुरक्षा बलों की चौकियों और काफिलों पर घात लगाकर समन्वित हमले किए हैं… दस से अधिक सैनिकों के मारे जाने की खबर है।” एक अन्य पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि भारतीय सुरक्षा बलों के पुलिस थानों और काफिलों पर समन्वित हमले किए गए।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना कार्यालय की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि ‘कश्मीरी स्वतंत्रता सेनानियों’ ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारतीय सुरक्षा बलों की चौकियों और काफिलों पर समन्वित हमले किए और दस से अधिक सैनिकों को मार डाला। यह दावा फर्जी है। साझा किया जा रहा वीडियो पुराना है और यह अगस्त 2025 में किश्तवाड़ में हुई आकस्मिक आग और गैस सिलेंडर विस्फोट की घटना से संबंधित है।”
प्रेस सूचना कार्यालय ने मूल घटना की रिपोर्ट भी साझा की है और लोगों से सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ऐसे संदिग्ध दावों पर विश्वास न करने की अपील की है। पिछले वर्ष 28 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के अस्तानबाला क्षेत्र में लगी एक बड़ी आग के कारण गैस सिलेंडर में ज़ोरदार विस्फोट हुआ था, जिससे व्यापक दहशत फैल गई, कम से कम पाँच घर क्षतिग्रस्त हो गए और चार लोग घायल हो गए, जिनमें बचाव कार्य में सहायता कर रहा एक व्यक्ति भी शामिल था।
