
सीधी । जिले के कुसमी विकासखंड के भदौरा में 28 जनवरी 2026 को हुए रेल रोको आंदोलन के बाद अब रेलवे प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों को नोटिस भेजे जाने से क्षेत्रीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। आंदोलन के दौरान प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने मांगों को पूरा करने और आंदोलनकारियों पर कोई मुकदमा दर्ज न करने का स्पष्ट आश्वासन दिया था। इसके बावजूद लगभग 300 से 400 लोगों की पहचान कर उन्हें शनिवार को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। रेलवे विभाग की ओर से रेल रोको आंदोलन के बाद चुनिंदा आंदोलनकारियों को कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं। इनमें आनंद सिंह ददुआ, रमेश पनाडिया, राजकुमार कोल सरपंच धुआडोल, राजेश कोल पूर्व सरपंच शंकरपुर, रमेश कोल, श्यामवती सिंह जनपद अध्यक्ष कुसमी, अखिलेश जायसवाल, प्रवीण सिंह, इंद्रपाल शुक्ला और पवन मिश्रा सहित कई अन्य लोग शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रशासन के वादों के विपरीत है। 28 जनवरी को सीधी जिले के भदौरा रेलवे स्टेशन के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे। यह आंदोलन शांतिपूर्ण था, जिसमें क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांगों को उठाया गया। प्रमुख मांगों में इंटरसिटी ट्रेन का भदौरा में ठहराव, भदौरा को विधिवत रेलवे स्टेशन का दर्जा और अन्य यात्री सुविधाओं की मांग शामिल थी। आंदोलन के दौरान कुछ समय के लिए रेल परिचालन बाधित हुआ था, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बातचीत की थी।
आंदोलन समाप्त कराने के लिए कुसमी के एसडीएम ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया था कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और किसी भी आंदोलनकारी पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया गया था।
इनका कहना है
मुझे जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। नियमों के अनुसार सभी को नोटिस भेजे जाएंगे और प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
संतोष कुमार मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक रेलवे
