नयी दिल्ली 30 जनवरी (वार्ता) सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने देश के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अभियानों के दौरान असाधारण योगदान के लिए दो बैक्ट्रियन ऊँटों, दो ज़ांस्कारी टट्टुओं और दो सैन्य श्वानों को शुक्रवार को यहां सेना प्रमुख के प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।
सेना के अनुसार यह सम्मान उन मौन योद्धाओं की निःस्वार्थ सेवा, अदम्य सहनशक्ति और अटूट निष्ठा को मान्यता देता है जो राष्ट्र की सेवा में सेना के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर निरंतर डटे हुए हैं।
लद्दाख के शीत मरुस्थलों में तैनात बैक्ट्रियन ऊँट उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में रसद आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जहाँ उन्होंने कठिन भू-भाग और तीव्र ढलानों पर भारी भार ढोकर अपनी अहम भूमिका निभाई है। स्वदेशी और विलुप्तप्राय नस्ल के ज़ांस्कारी टट्टुओं ने सियाचिन ग्लेशियर और अग्रिम क्षेत्रों की बर्फीली ऊँचाइयों में तैनात सैनिकों का निरंतर और दृढ़ समर्थन किया है।
निगरानी, खोज और अन्य संचालन कार्यों के लिए प्रशिक्षित सैन्य श्वानों ने विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
