नयी दिल्ली, 30 जनवरी (वार्ता) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए शुक्रवार को भारतीय एआई अनुसंधान संगठन (आईएआईआरओ) का शुभारंभ किया गया।
यह संगठन देश की मूल चुनौतियों और प्राथमिकताओं के अनुरूप बुनियादी तथा एप्लाइड एआई अनुसंधान के लिए समर्पित है। रणनीति-निर्माण से संप्रभुता तथा प्रोटोटाइप और बौद्धिक संपदा (आईपी) से लेकर वैश्विक उत्पादों तक सुव्यवस्थित क्रियान्वयन को गति देने के लिए इसकी स्थापना की गयी है। डॉ. अमित शेठ इसका पहला निदेशक नियुक्त किया गया है।
इंडिया एआई मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और गुजरात एआई एक्शन प्लान के अनुरूप आईएआईआरओ का फोकस एआई अनुसंधान को आगे बढ़ाने, स्वदेशी बौद्धिक संपदा का सृजन करने, देश में विश्व-स्तरीय एआई प्रतिभा के विकास और अनुसंधान को धरातल पर उतारकर अर्थव्यवस्था और समाज पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने पर होगा। उपभोक्ताओं के अनुकूल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) के विपरीत आईएआईआरओ अगली पीढ़ी के एआई मॉडलों पर ध्यान केंद्रित करेगा। इससे इन्हें प्रशिक्षित करने और तैनात करने की लागत में उल्लेखनीय कमी आयेगी।
श्री शेठ ने कहा, “जैसे-जैसे एआई आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता, शासन क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा को तेजी से पुनर्परिभाषित कर रहा है, देश यह सुनिश्चित कर रहा है कि उसका एआई भविष्य भारत में, भारत के लिए और भारतीय संस्थानों द्वारा शासित हो। आईएआईआरओ को देश के दीर्घकालिक निष्पादन इंजन के रूप में स्थापित किया गया है जो राष्ट्रीय एआई महत्वाकांक्षा को तैनात किये जा सकने वाले तंत्र, संप्रभु बौद्धिक संपदा और स्थायी क्षमता में परिवर्तित करेगा।” आईएआईआरओ के बोर्ड में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के संचालक मंडल के अध्यक्ष पद्म भूषण अजय चौधरी, आईआईटी गांधीनगर के निदेशक प्रो. रजत मूना और गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती शामिल हैं।

