
इंदौर: भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से बीमार हुए मरीज में से एक को एक माह अस्पताल में रहने के बाद परिजनों की सहमति से डिस्चार्ज कर घर भेजा दिया है. अब तक इस मामले में 30 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं.भागीरथपुरा में हुए दूषित पानी से प्रभावित मरीज एकनाथ सूर्यवंशी को देर रात परिजनों की सहमति से बॉम्बे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर घर ले जाया गया. सूर्यवंशी करीब एक माह से अस्पताल में भर्ती थे और 25 दिन तक वेंटिलेटर पर रहे. ज्ञात हो कि इंदौर के भागीरथपुरा में अब तक 450 से अधिक मरीज इलाज के बाद घर लौट चुके हैं.
फिलहाल चार मरीज अस्पताल में हैं. इनमें से दो वेंटिलेटर पर हैं, इनमें से एक मरीज अरविंदो हॉस्पिटल और एक मरीज बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती है. सीएमएचओ माधव हसानी ने बताया कि भागीरथपुरा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे खुला है, जहां कलेक्टर के आदेश पर दो एम्बुलेंस हर दम तैनात की गई है. वहीं इलाके में डायरिया के केवल एक-दो मामूली मरीज सामने आ रहे हैं, जिन्हें भर्ती करने की फिलहाल आवश्यकता नहीं है.
