जबलपुर: कटंगी बाईपास ओरिया स्थित नवीन मटर मंडी में इन दिनों मटर की आवक कम देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर किसानों को मटर का उचित मूल्य नहीं मिल पाने से उनमें भारी मायूसी देखी जा रही है। गुरुवार को मंडी में मटर के भाव 14 से 20 रुपए प्रति किलो के बीच रहे, जो किसानों की लागत से काफी कम बताए जा रहे हैं।मंडी में 14 रुपये सामान्य मटर, 15 रुपये फैक्ट्री मटर और 17 रुपये मिर्ची मटर के भाव दर्ज किए गए।
मेहनत, लागत के बावजूद नहीं मिल रहे दाम
मटर मंडी में किसानों ने नवभारत को बताया कि लगभग 2 महीने की मेहनत के बाद मटर की फसल तैयार होती है। इसके अलावा खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी की बढ़ती लागत के साथ ही मंडी तक आने में गाड़ी भाड़ा ही हजारों रुपए लग जाता है, उसके बावजूद व्यापारियों द्वारा उचित दाम नहीं दिए जा रहे हैं। इसके चलते किसान मजबूरी में कम कीमत पर ही उपज बेच रहे हैं।
आखिरी सीजन में रेट बढ़ने की उम्मीद
मटर मंडी में किसानों की संख्या भी मिली-जुली रही। बताया जा रहा है कि फिलहाल मटर की आवक में ब्रेक लगा हुआ है। अब एक बार फिर फरवरी के मध्य में पीक सीजन शुरू होने की संभावना है, जब किसानों द्वारा बोया गया अंतिम चरण का मटर फरवरी के अंतिम सप्ताह तक मंडी में पहुंचेगा। किसानों को उम्मीद है कि आखिरी सीजन में उन्हें बेहतर दाम मिल पाएंगे।
