
सतना। सतना जिले का गांव भरहुत 64 देहदान दाताओं का साक्षी बन गया। किसी ने राष्ट्रहित खातिर पति, पत्नी व पिता के साथ तो किसी ने बेटी के साथ अपने देह का दान कर मानवता की मिशाल कायम की। सरदार वल्लभ भाई पटेल विकास समिति बिहटा व विनीत विक्रम बौद्ध संस्थान भरहुत के संयुक्त आयोजकत्व में हुए कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा महाविद्यालप सतना के प्रधानाध्यापक ने अलग-अलग बिन्दुओं में ‘अंशदान से देहदान तक’ विषय में अपनी बात रखी .गणतन्त्र दिवस अवसर पर आयोजित ‘देहदान संकल्प सभा’ के मुख्य अतिथि जिला पंचापत के अध्यक्ष रामखेलावन कोल रहे, जबकि अध्यक्षता चिकित्सा महाविद्यालय सतना के डीन डी. एम०पी० गर्ग ने की। विशिष्ट अतिथि अनुविभागीय दण्डाधिकाटी सोमेश द्विवेदी, पद्मश्री बाबूलाल दाहिया, सी. एम.एच.ओ-डॉ. मनोज शुक्ला, सिविल सर्जन डो अमर निहे रहे। सभा में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामखेलावन कोल में अपने उद्बोधन में कहा कि मानवता की सेवा और सार्थक जीवन के उद्देश्य को लेकर किया गया देहदान इस क्षेत्र के लिए एक इतिहाम बनाकर जा रहा है। अध्यक्षता कर रहे डीन डो. एम.पी. गर्ग ने कहा कि 10 छात्रो के बीच एक देह लगती है। आज जो भरहुत में हुआ वह चिकित्सा विज्ञान के लिए वरदान साबित होगा। पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि बताया कि उनके परिवार के चार लोगों ने देहदान पूर्व के समय में कर चुके हैं। सी-एम. एच.ओ. डो शुक्ला ने रक्त दान पर जोर दिया तो एस.डी.एम श्री द्विवेदी ने जन्म के समय प्लेसेन्टा रिजर्व या प्रकाश डाला.
चिकित्सकों ने इन विषयों पर अपना पक्ष रखा.मानव शटीर के दान दिए जाने वाले अंगों की जानकारी,अंगदान और देहदान किये जाने या भ्रांतियां और फायदे,व्यसन से शरीर के अंगों पर पड़ने वाले प्रभाव स्वस्थ्य जीवन की दिनचर्या,
सामान्य बीमारियों व उनके सुलभ उपचार.जिन प्राध्यपकों ने अपना विषय रखा उनमें डॉ, एल- चीन निहे, हृदय होग विशेषज्ञ, डॉ. पंकज चौरसिया, शरीर विज्ञान अनुराग जैन, शत्य चिकित्सा,डॉ विक्रम सिंह, जनरल मेडिमिन शामिल रहे.स्वागत उद्बोधन सरदार बल्लम भाई पटेल विकास समिति के अध्पक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू ‘जान’ ने दिया । तीरथ प्रसार कुशवाहा अध्यत विनीत विक्रम बौद्ध संस्थान, भरहुत ने देहदान दाताओं का अतिथियों से परिचय कराया । आभार सरदार, परेल समिति के सचिव ईश्वरदीन पटेल ने किया .
