नई दिल्ली |भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने वाली ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील का सीधा असर आज भारतीय कमोडिटी बाजार पर देखने को मिला। गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद जैसे ही एमसीएक्स (MCX) खुला, चांदी की कीमतों में 25,000 रुपये प्रति किलो तक की अभूतपूर्व तेजी दर्ज की गई। मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3,59,800 रुपये के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले सत्र के मुकाबले लगभग 7% की भारी बढ़त है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट चांदी के $117 प्रति औंस के पार जाने और घरेलू मांग में अचानक आए उछाल ने कीमतों को इस ऊंचाई पर पहुंचाया है।
चांदी के साथ-साथ सोने ने भी आज निवेश के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फरवरी वायदा कारोबार में सोने का भाव 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच निवेशकों ने सोने की ओर रुख किया है। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमतें 1.27 लाख रुपये (प्रति 8 ग्राम) के आंकड़े को पार कर गई हैं। ट्रेड डील के कारण आने वाले आर्थिक बदलावों की आहट ने बुलियन मार्केट में खलबली मचा दी है, जिससे आम खरीदारों के लिए आभूषण खरीदना अब और महंगा हो गया है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में आई इस “सुनामी” के पीछे भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता एक प्रमुख कारक है। इस डील से औद्योगिक धातुओं की मांग बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा असर चांदी पर दिख रहा है। सुबह 10:15 बजे तक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव जारी रहा, जहाँ चांदी 3,56,602 रुपये पर ट्रेड कर रही थी। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में डॉलर की स्थिति और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी ने भी कीमतों को सहारा दिया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक तनाव जारी रहा, तो कीमती धातुओं की कीमतें जल्द ही नए मनोवैज्ञानिक स्तरों को छू सकती हैं।

