मुठभेड़ में मारे गए 17 नक्सलियों के शव चाईबासा सदर अस्पताल लाए गए, कड़ी सुरक्षा में हुआ पोस्टमार्टम

रांची, 24 जनवरी (वार्ता) झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र के घने और दुर्गम जंगलों में ऑपरेशन मेघाबुरु के तहत सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए 17 नक्सलियों के शव शनिवार को चाईबासा सदर अस्पताल में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।

पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ संपन्न कराई गई।

एक साथ बड़ी संख्या में शवों के पोस्टमार्टम को देखते हुए सदर अस्पताल में कुल छह मेडिकल टीमों का गठन किया गया था। प्रत्येक शव के लिए तीन-तीन डॉक्टरों की टीम तैनात की गई, ताकि प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके। पोस्टमार्टम के दौरान मजिस्ट्रेट के अलावा वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी भी मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी गई।

सदर अस्पताल परिसर और पोस्टमार्टम हाउस के आसपास सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। लगभग 50 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के उद्देश्य से आम नागरिकों के साथ-साथ मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। पोस्टमार्टम हाउस के अंदर और बाहर पुलिस व होमगार्ड के जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी।

पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन मेघाबुरु के दौरान मारे गए नक्सलियों में संगठन के कई शीर्ष और सक्रिय कैडर शामिल हैं। इनमें अनल उर्फ पतिराम मांझी, अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटू लोहारा, लालजीत उर्फ लालू, समीर सोरेन, रापा उर्फ पावेल, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी, जोंगा, सोमबारी पूर्ति, सोमा होनहागा, मुक्ति होनहागा और सरिता के नाम शामिल हैं। इनमें कई नक्सली ऐसे थे, जिन पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए की ओर से लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक के इनाम घोषित थे और वे दर्जनों संगीन मामलों में वांछित थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। बरामदगी में चार एके-47/एकेएम राइफल, चार इंसास राइफल, तीन एसएलआर, तीन अन्य राइफल, बड़ी संख्या में कारतूस तथा दैनिक उपयोग का सामान शामिल है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिमी सिंहभूम जिला लंबे समय से नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। नक्सल उन्मूलन के लिए लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में 183 नक्सलियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि विभिन्न मुठभेड़ों में कुल 28 नक्सली मारे गए हैं। ऑपरेशन मेघाबुरु के तहत 22 और 23 जनवरी 2026 को 17 नक्सलियों का मारा जाना माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

 

 

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