एमएसएमई के लिए ज्यादा ऋण, जीएसटी छूट की सीमा बढ़ाने की मां

नयी दिल्ली, 24 जनवरी (वार्ता) भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट ने लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को ज्यादा ऋण देने और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत छूट की सीमा 40 लाख रुपये सालाना से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करने की मांग की है।

ट्रस्ट के संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन ने बजट से अपेक्षाओं पर एक प्रेस नोट साझा करते हुए कहा कि पिछले 10-11 साल में काफी प्रगति हुई है। इसके बावजूद, लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के ऋण की कमी है। वर्तमान समय में केवल 16–19 प्रतिशत एमएसएमई तक ही औपचारिक ऋण की पहुंच है, जिसे 2028 तक कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ाना आवश्यक है ताकि “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

उन्होंने मुद्रा योजना के अंतर्गत विशेषकर शिशु श्रेणी में औसत ऋण 37,000 रुपये से बढ़ाने, चार प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी तथा शून्य या न्यूनतम प्रसंस्करण शुल्क लगाने की मांग की। उन्होंने 15 दिन के भीतर जीएसटी रिफंड चक्र लागू करने और विलंबित भुगतान पर 12 प्रतिशत वैधानिक ब्याज सुनिश्चित करने की भी मांग की है, विशेषकर हस्तशिल्प, खुदरा और सेवा क्षेत्र के सूक्ष्म उद्यमियों के लिए।

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