ग्वालियर: जब हिंदू समाज बिना किसी स्वार्थ के एकत्रित होकर एक दिशा में आगे बढ़ता है, तो उसका परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देता है। इसका एक उदाहरण राममंदिर निर्माण है। जब संपूर्ण हिंदू समाज ने एकजुट होकर संकल्प लिया, तब वर्षों का संघर्ष सफल हुआ और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका।यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग के सह कार्यवाह मुनेंद्र कुशवाह ने दौलतगंज बस्ती के हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता की आसंदी से कही।
गिर्राज धर्मशाला में संत सच्चिदानंद नाथ ढोलीबुआ महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेश चन्द्र अग्रवाल, विशेष अतिथि रमा अवस्थी थीं। रमा अवस्थी ने पंच परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि समाज नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता, स्व बोध, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन को अपनाए, तो राष्ट्र और समाज दोनों सशक्त बन सकेंगे। अन्य वक्ताओं ने भी हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन हरिदास अग्रवाल ने किया।
जीवन दर्शन है पंच परिवर्तन
वहीं पाटई में संत सीताराम महाराज के सानिध्य में हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजसेवी गिरिराज दानी एवं विशेष अतिथि योजना शुक्ला थीं। अतिथियों ने कहा कि पंच परिवर्तन केवल एक विचार नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाला जीवन दर्शन है। इसके अंतर्गत सामाजिक समरसता, स्व बोध, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक शिष्टाचार शामिल है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाए,तो देश को किसी बाहरी सहारे की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
