तेहरान, 22 जनवरी (वार्ता) ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी शाखा से अनुरोध मांग की कि वह जून में ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल के हमलों पर अपना रुख स्पष्ट करे। सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने यह जानकारी दी।
श्री इस्लामी ने कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी को एक पत्र भेजा है, जिसमें ज़ोर दिया गया है कि एजेंसी को “ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ़ हमले पर अपनी स्थिति तय करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि एजेंसी को सैन्य हमलों में निशाना बनाये गये ठिकानों के लिये निरीक्षण प्रोटोकॉल बनाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमले पर्यावरण के लिये खतरे पैदा कर सकते हैं।
श्री इस्लामी का यह बयान श्री ग्रॉसी की मंगलवार को विश्व आर्थिक मंच में की गयी टिप्पणियों के बाद आया है। श्री ग्रॉसी ने ईरान के यूरेनियम स्टॉक का हिसाब रखने और बमबारी वाले परमाणु ठिकानों की जांच को लेकर चल रहे टकराव पर चिंता जताते हुए कहा था, “यह हमेशा नहीं चल सकता।”
श्री ग्रॉसी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान में उन सभी 13 घोषित परमाणु ठिकानों की जांच की है जिन पर हमला नहीं हुआ था, लेकिन जून में हमले का निशाना बनी तीन मुख्य जगहों नतांज़, फोर्दो और इस्फाहान तक नहीं पहुंच पाया है। हमलों के बाद ईरान ने परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ सहयोग रोक दिया क्योंकि एजेंसी ने हमलों की निंदा नहीं की और अपनी जगहों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
श्री इस्लामी ने कहा कि अभी ईरान में कोई परमाणु ऊर्जा एजेंसी निरीक्षक नहीं है और उनकी पहुंच सिर्फ़ बिना नुकसान वाली जगहों तक ही है।
