ग्वालियर: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से संबंधित जिन प्रकरणों की पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज हुई हैं। ऐसे सभी लंबित प्रकरणों में चालान पेश करने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाएगी। साथ ही लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये कार्ययोजना बनाएंगे। इसकी सूची समिति को भेजें, जिससे पीडित लोगों को शासन के प्रावधानों के तहत आर्थिक राहत मंजूर की जा सके। इस आशय के निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में दिए। बैठक में विधायक मोहन सिंह राठौर भी मौजूद थे।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि लंबित प्रकरणों को निराकृत कराने के लिये एसओपी तैयार करें। साथ ही न्यायालयों में पुख्ता साक्ष्य रखकर मजबूती के साथ पैरवी की जाए, जिससे दोषियों को दण्ड मिल सके। उन्होंने एससी व एसटी के लोगों को जल्द राहत दिलाने के लिये भ्रमित करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए। कलेक्टर ने पुलिस की अजाक शाखा एवं अनुसूचित जाति व जनजाति विभाग की संयुक्त टीम गठित कर लोगों को भ्रमित करने वाले लोगों को पकड़ने के लिये कहा।
विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने के लिये उपयोगी सलाह दी। साथ ही कहा कि विभिन्न विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती में विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया के पढ़े-लिखे युवकों को भी नौकरी दिलाई जाए। कलेक्टर ने कहा इस दिशा में प्रभावी पहल की जायेगी। इस कड़ी में उन्होंने सहरिया परिवारों के पढ़े-लिखे युवकों की सूची मांगी है। फरियादियों को शासन के प्रावधानों के तहत नगद व विधिक सहायता उपलब्ध कराने की हिदायत भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दी।
