भुवनेश्वर, 29 अगस्त (वार्ता) उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों पर बने नये कम दबाव के क्षेत्र के कारण तीन सितंबर तक पूरे ओडिशा में भारी बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को कहा कि कम दबाव का यह क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बंगलादेश तटों पर बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से बना है।
विभाग ने कहा कि अगले 48 घंटों के दौरान इसके उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का अनुमान है। विभाग ने मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक और केंद्रपाड़ा जिलों के लिए ‘रेड वार्निंग’ जारी की है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और एक या दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
केंदुझर, जाजपुर, जगतसिंहपुर, अनुगुल, ढेंकनाल और कटक जिलों के लिए ‘ऑरेंज वार्निंग’ जारी की गयी है, जहां एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, बरगढ़, कंधमाल, बौद्ध, सोनपुर, बलांगीर, कालाहांडी, रायगड़ा, गंजम, गजपति, खोर्धा, नयागढ़ और पुरी जिलों के लिए ‘येलो वार्निंग’ भी जारी की है, जिसमें एक या दो स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा तट और उसके आसपास खराब मौसम की चेतावनी दी गई है, जिसमें हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके आ सकते हैं।
ओडिशा तट पर और उसके आसपास 29 से 31 अगस्त तक की मौसमी दशाओं के बहुत अधिक विषम रहने का अनुमान है।मछुआरों को 31 अगस्त तक ओडिशा तट और उसके आसपास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है। इस बीच अधिकारियों ने ओडिशा के सभी बंदरगाहों पर स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या -3 (एलसी-3) लगा दिया है।
