इंदौर:मध्य प्रदेश मेट्रो रेल का इंदौर रीजन शहर ने मांगलिया से राऊ तक मेट्रो का प्रस्ताव बनाया है. उक्त मार्ग में पूरा एबी रोड कवर हो रहा है. मात्र छह किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर से ज्यादा फायदेमंद एलिवेटेड मेट्रो लाइन हो सकती है. विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि इंदौर में मांगलिया से राऊ के बीच सभी तरह के वर्ग को सुविधा मिल जाएगी.इंदौर में गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक 17 किलोमीटर लंबी मेट्रो ट्रेक तैयार हो गया है. मार्च से पूरे 17 किलोमीटर पर मेट्रो का व्यवसायिक रन शुरू हो जाएगा.
बाकी मार्ग अंडर ग्राउंड बनाया जा रहा है. मेट्रो अधिकारियों ने प्राथमिक कॉरिडोर के बाद शहर को विशेष और लाइफ लाइन ट्रेक का प्रस्ताव किया है. यह ट्रेक प्राथमिक कॉरिडोर को जोड़ते हुए मांगलिया से राऊ तक मेट्रो का है. करीब 22 से 25 किलोमीटर लंबी लाइन में पूरे शहर का 50 प्रतिशत व्यवसायिक हिस्सा कवर हो जाएगा. एमपी मेट्रो ने उक्त प्रस्तावित योजना पर ब्लू लाइन मेट्रो चलाने की योजना बनाई है. पूरे मार्ग पर एमआर-10 की तरह एलिवेटेड लाइन का निर्माण करने में कोई बाधा नहीं है, क्योंकि इस रोड पर भी पर्याप्त चौड़ाई है.
साथ ही अब रोड पर मेट्रो लाइन डलने के बाद यातायात का दबाव कम हो जाएगा. ध्यान रहे कि मांगलिया से राऊ तक 22 से 25 किलोमीटर लंबी दूरी के बीच एबी रोड का 12 किलोमीटर हिस्सा जो बीआरटीएस सड़क का था, वह बिना किसी व्यवधान के कवर हो रहा है. मेट्रो के प्रस्ताव को स्थानीय प्रशासन, सरकार और जनप्रतिनिधि गंभीरता से लेंगे, तो इंदौर की यह पहली लाइफ लाइन मेट्रो बन सकती है. उक्त लाइन के नीचे भी एमआर 10 की तरह यातायात निर्बाध रूप से चलता रहेगा.
इतना ही नहीं मेट्रो के मांगलिया से राऊ तक प्रस्तावित लाइन के बाद एलिवेटेड कॉरिडोर की जरूरत ही खत्म हो सकती है. इसका कारण यह है कि मेट्रो को एमआर 10 सड़क के समान सिर्फ पियर खड़े करने जितनी जगह ही चाहिए, जो 40 मीटर चौड़े एबी रोड पर आसानी से मिल रही है. साथ ही मेट्रो स्टेशन के लिए भी एबी रोड पर विजय नगर, एलआईजी, पलासिया, शिवाजी प्रतिमा, नवलखा, भंवरकुआ,राजीव गांधी चौराहे, पिगडंबर, बीजलपुर चौराहा, राजेंद्र नगर और राऊ तक आसानी से जगह उपलब्ध हो सकती है और भी उक्त स्थानों पर जहां स्टेशन निर्माण किए जा सकते हैं.
बीआरटीएस के कारण रुका था प्रस्ताव
मेट्रो शहर एमडी पूरे एबी रोड को कवर कहने की योजना बहुत पहले बना चुके थे, लेकिन बीआरटीएस सड़क के कारण योजना रोकी थी. अब सरकार बीआरटीएस सड़क तोड़ रही है, तो मेट्रो ने उक्त प्रस्ताव पर काम शुरू कर दिया है.
एलिवेटेड कॉरिडोर से ज्यादा फायदेमंद
मेट्रो की मांगलिया से राऊ तक प्रस्तावित योजना शहर की लाइफ लाइन साबित हो सकती है. साथ ही एलिवेटेड कॉरिडोर से ज्यादा फायदेमंद है, क्योंकि एलिवेटेड कॉरिडोर में सिर्फ 6 किलोमीटर का हिस्सा कवर हो रहा है, जबकि ब्लू लाइन मेट्रो से 25 किलोमीटर का एरिया कवर हो रहा है.
सभी वर्ग को सुविधा मिल जाएगी
मेट्रो की प्रस्तावित लाइन मांगलिया से राऊ तक विधार्थी, व्यवसाई, नौकरी पेशा, उद्योगपति, निजी कार्यालय, हॉस्पिटल से लेकर आज आदमी तक को आसान सुविधा उपलब्ध हो सकती है.
सिटी बस भी सिर्फ इसी मार्ग पर फायदे में
बीआरटीएस सड़क पर नगर निगम की सिटी बस सेवा भी राजीव गांधी चौराहे से निरंजनपुर तक फायदे में है. उक्त मार्ग पर ज्यादा जनता सिटी बस का उपयोग करती है, जिससे सिटी बस कंपनी को 30 लाख का सालाना फायदा है. उक्त आंकड़े से समझा जा सकता है कि यदि मेट्रो एबी रोड पर चली तो कितना फायदा होगा जनता को. मेट्रो के खंबे बीच में होने से दोनों तरएफ यातायात भी आसानी से निर्बाध गति से चलता रहेगा.
