कृष्ण-शिव परंपरा का संगम: पौराणिक श्रोणितपुर सोहागपुर बनेगा प्रमुख तीर्थ

सोहागपुर। द्वापर युग की ऐतिहासिक और पौराणिक विरासत को अपने भीतर समेटे सोहागपुर (प्राचीन श्रोणितपुर) का महत्व शिवपुराण और श्रीकृष्ण कथा में विशेष रूप से वर्णित है। यह नगरी भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध की ससुराल रही है, जहां असुरराज बाणासुर की पुत्री उषा से उनका विवाह हुआ था।

यह जानकारी हाल ही में माखन नगर बाबई पधारे मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को देते हुए भाजपा नेता गौरव अग्रवाल ने बताया कि

पौराणिक कथाओं के अनुसार असुरराज बाणासुर ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को प्रसन्न किया था। उसकी भक्ति से अभिभूत होकर भगवान शंकर ने वरदान स्वरूप परिवार सहित श्रोणितपुर में निवास किया। इसी कारण यह क्षेत्र शिवभक्ति और कृष्णलीला — दोनों का अद्भुत संगम माना जाता है।

यह बात मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुनी और कहा कि मतलब यहां पर रिश्तेदारी हुई थी ।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह घोषणा कर रखी है कि जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस घोषणा के बाद श्रोणितपुर सोहागपुर का धार्मिक और पर्यटन महत्व और भी बढ़ गया है।

उल्लेखनीय है कि जमनी सरोवर ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि भी रहा है, जो भगवान परशुराम के पिता थे।

धार्मिक आस्था, पौराणिक गौरव और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध सोहागपुर आने वाले समय में कृष्ण-शिव परंपरा के प्रमुख तीर्थ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकता है।

Next Post

तेज रफ्तार कार घर में घुसी, भोजन कर रहे व्यक्ति घायल 

Tue Jan 20 , 2026
आलोट। रात में अनियंत्रित होकर एक कार घर में घुस गई। इससे भोजन कर रहे व्यक्ति हादसे का शिकार हो गए। घायल होने पर ग्रामीणों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। बीती रात ग्राम रिछा के रोड किनारे बने विजय सिंह पिता बापू सिंह (55) के पक्के मकान में शिफ्ट […]

You May Like