भोपाल। राजधानी में गौमांस से भरे कंटेनर को छोडऩे में नया खुलासा हुआ है कि कंटेनर को सेंपल के बाद पुलिस ने नगर निगम को सौंप दिया था. वहीं, महापौर को इस मामले की जानकारी नहीं है कि कंटेनर नगर निगम के अधिकारियों को सौंपा गया था जिसका पंचनामा बनाया गया था. एसआईटी सिर्फ गौहत्या की धाराओं में जांच करेगी ना कि टेंडर और नगर निगम की. पशु चिकित्सालय में गौमांस से भरे हुए कंटेनर को जब्त और छोडऩे को लेकर अभी तक संशय बना हुआ था कि पुलिस ने दबाव में आकर छोड़ दिया कि नगर निगम के अधिकारियों के दबाव में छोड़ा गया. लेकिन यह बात सामने नहीं आ सही कि कंटेनर छोडऩे का कृत्य किसने ने किया. गौमांस के मामले को एक माह से ऊपर हो गया लेकिन सिर्फ स्लाटर हाउस के मालिक और कंटेनर के चालक को ही आरोपी बनाया जा सका है.. आगे कोई गिरफतारी नहीं हो सकी। इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है कि अरेरा हिल्स थाने के द्वारा कंटेनर जब्ती की कार्यवाही की गई, और पशु चिकित्सालय में लगभग 12 पैकेटों से सेंपल लिए गए. अरेरा हिल्स थाने के सब इंसपेक्टर ने सेंपल लेने के बाद पंचनामा बनाकर कंटेनर को नगर निगम के सुपुर्द कर दिया था. पूरी कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज जहांगीराबाद थाने को सौंप दिए गए.
महापौर को नहीं पता किसको सुपुर्द किया था कंटेनर
गौमांस से भरे कंटेनर की निगरानी की जिम्मेदारी नगर निगम की थी, लेकिन उन्होंने अपने वरिष्ठों के कहने पर कंटेनर को रवाना कर दिया जिससे न्यायालय में आरोप सिद्ध न हो सके. यह कौन कर्मचारी और अधिकारी थे इसके नाम सामने नहीं आ रहे हैं. सबसे बड़ी बात तो यह है कि एक महिने के बाद भी महापौर भी अनभिज्ञ हैं कि कंटेनर की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई थी, निगमायुक्त और अपरआयुक्त को मोबाईल किया गया लेकिन रिसीव नहीं किया.
निगम के अधिकारियों ने छोड़ा था कंटेनर
जैसे जैसे जांच आगे बढ़ती जा रही है वैसे वैसे सच्चाई सामने आती जा रही है। कंटेनर को नगर निगम के अधिकारियों ने छोड़ा था इस बात की पुष्टि जांच करता सब इंसपेक्टर ने कर दी। तो अब यह किन अधिकारियों को सौंप दी है यह कहना मुश्किल है सुपुर्दगी पंचनामा थाना जहांगीराद में जांच अधिकारी के पास है। नगर निगम के जिन अधिकारियों को सुपुर्दगी की गई थी उनक नाम पता करने के लिए थाना प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन मोबाईल रिवीव नहीं किया।
एसआईटी गठित लेकिन सिर्फ गौहत्या के अपराध में होगी
गौमांस की पुष्टि होने के बाद अभी तक जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी वहीं पुलिस की जांच पर थी सवाल उठ रहे थे जिसके चलते पुलिस आयुक्त भोपाल ने जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया. यह टीम पुलिस के पास जो प्रकरण दर्ज है उसके आधार पर सिर्फ गौहत्या से सबंधित की जाएगी ना कि नगर निगम के टेंडर की. ना ही यह जांच होगी किसने कंटेनर को रवाना किया और किसके कहने पर छोड़ा गया।
इनका कहना है
एसआईटी दल का गठन दो दिन पहले ही हुआ है हम सिर्फ थाने में दर्ज धाराओं और गौहत्या से संबंधित बिंदु पर जांच की जाएगी।
एआईटी प्रमुख उमेश तिवारी
डीसीपी हबीबगंज
मेरी जानकारी में नहीं है कि जब्ती के बाद कंटेनर नगर निगम के किस अधिकारी या कर्मचारी को सौंपा गया था. मैं पता करती हैं .
मालती राय, महापौर, नगर निगम भोपाल
मेरे द्वारा गौमांस से भरे कंटेनर को पशु चिकित्सालय ले जाया गया वहां पर सेंपल लेने के बाद पंचनाया बनाया और नगर निगम को सौंप दिया.
उमेश कुमार, जांच अधिकारी सब इंसपेक्टर, अरेरा हिल्स थाना भोपाल
