नयी दिल्ली, 19 जनवरी (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों के दल-बदल से जुड़े लंबित मामले में तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार को सोमवार को फिर से नोटिस जारी किया ।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने पिछले साल नवंबर में अध्यक्ष को उसके निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए अवमानना नोटिस जारी किया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी।
न्यायमूर्ति संजय करोल की अध्यक्षता वाली पीठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे उसी दल-बदल विवाद से जुड़े पहले से लंबित मामले के साथ टैग किया गया था।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि शीर्ष अदालत के दल-बदल करने वाले विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर तीन महीने की तय अवधि के भीतर फैसला करने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अध्यक्ष द्वारा कोई फैसला नहीं लिया गया। पार्टी के अनुसार लगातार देरी अदालत के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना है।
अवमानना याचिका तेलंगाना भाजपा विधायक दल के नेता अल्लेटी महेश्वर रेड्डी ने दायर की, जिन्होंने तर्क दिया है कि अध्यक्ष की निष्क्रियता ने अदालत के अधिकार को कमजोर किया है और संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दे के समाधान को रोक दिया है।
विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस फिर से जारी होने और भाजपा की याचिका को टैग करने के साथ यह मामला तेलंगाना में एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी रूप से महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि अदालत यह जांच करने की तैयारी कर रहा है कि क्या उसके पिछले आदेशों की जानबूझकर अवहेलना की गई है।
