
भोपाल। मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मामले में कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अरुण यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों से यह आशंका और मजबूत होती है कि मंत्री विजय शाह ने यह आपत्तिजनक बयान सरकार के संरक्षण में दिया था। उन्होंने लिखा कि देश की बिटिया और सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के सम्मान से जुड़े इस मामले में तथ्य खुद बहुत कुछ बयान कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने स्वतः संज्ञान लेकर मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, तो फिर मामले के अंतिम निर्णय से पहले ही न्यायाधीश अतुल श्रीधरन का तबादला क्यों कर दिया गया।
अरुण यादव ने आगे आरोप लगाया कि मंत्री के विरुद्ध गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट आने के बावजूद पिछले पांच महीनों से अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी गई है, जो सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यह पूरा प्रकरण यह संकेत देता है कि सरकार मंत्री को बचाने का प्रयास कर रही है और न्याय प्रक्रिया में देरी की जा रही है।
