शिवपुरी: प्रदेश के ऊर्जा एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना के नए स्वरूप और नाम परिवर्तन को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल एक परिवार तक सीमित है, जबकि सरकार का लक्ष्य अब ‘वास्तविक सुधार’ और पारदर्शिता है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर अब “वीबी-जी रामजी योजना” कर दिया है।
उन्होंने इस बदलाव के पीछे के तकनीकी और सुधारात्मक कारणों को साझा किया।पहले मजदूरों को साल में 100 दिन का रोजगार मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। योजना के खर्च का 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी। अब मजदूरों की हाजिरी मशीनों (डिजिटल) के माध्यम से होगी। यदि भुगतान में देरी हुई, तो सरकार पर पेनाल्टी का प्रावधान भी रखा गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने स्मार्ट मीटर और बढ़ती बिजली दरों को लेकर सवाल किए, तो ऊर्जा मंत्री कुछ असहज दिखाई दिए। फिर मंत्री ने स्वीकार किया कि स्मार्ट मीटर का खर्च अब उपभोक्ताओं से किश्तों में लिया जाएगा। गौरतलब है कि पहले इन्हें निशुल्क लगाने की चर्चा थी।
