
ग्वालियर। श्योपुर सहित मुरैना और भिंड जिले में 8 साल पहले चंबल एक्सप्रेस-वे की परिकल्पना की गई, लेकिन उसके बाद 8 साल में 3 बार सर्वे हो गया और 5 बार इसका नाम बदल गया, लेकिन पिछले 3 सालों से ये ठंडे बस्ते में चला गया। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अटल प्रोग्रेस-वे की समीक्षा की और इसके लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए तो एक्सप्रेस-वे का काम फिर शुरू होता नजर आ रहा है।
वर्ष 2018 में चंबल एक्सप्रेस-वे की घोषणा हुई और इसके लिए 3 बार सर्वे हुए। श्योपुर, मुरैना और भिंड जिले में लगभग 400 किलोमीटर लंबाई में एक्सप्रेस वे प्रस्तावित है, जिसमें श्योपुर जिले में 57 गांवों में होकर 95 किलोमीटर बनाया जाना था। लेकिन मार्च 2023 में अचानक तत्कालीन सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। आंदोलन भी हुए। अब एक बार फिर इसकी चर्चा शुरू हुई है, ऐसे में अभी साफ नहीं है कि सरकार अब किसानों को उनकी निजी जमीन के बदले जमीन देगी या फिर मुआवजा ?
