जबलपुर: कृषि विश्वविद्यालय में पदस्थ यूडीसी को पॉलिसियों में जमा राशि दिलाने का झांसा देकर ठगों ने 28 लाख रूपए ऐंठ कर चूना लगा दिया।पुलिस के मुताबिक श्रीमति स्नेहा पागे 59 वर्ष निवासी एच 42 कृषि नगर अधारताल लिखित रिपोर्ट की कि वह वर्तमान में कृषि विश्वविद्यालय में यू डी सी के पद पर कार्यरत है। उसने पूर्व में प्रायवेट बैंको से कुछ अलग अलग पॉलिसी लेते हुये कुल 4,75,000 रूपये जमा किये थे इसके बाद यह समझ आया कि यह उक्त पालिसियां गलत है तब उसके द्वारा उपरोक्त पालिसी में एक किस्त के बाद कोई राशि जमा नही की गई।
उक्त जमा राशि को निकालने का कोई प्रयास भी नही किया था। उसके मोबाईल नंबर पर एक मोबाईल नम्बर से काल आया, कॉलर ने अपना नाम रविन्द्र सिंह बताते हुये स्वयं को डी डी मैनेजर बताकर बोला कि आपका डेबिडेंट फंड का पैसा आ गया क्या, जिससे उसने कहा कि मैने सिर्फ एक बार ही राशि जमा किया है कोई पैसा नही आया उसने पैसा वापस करवाने का भरोसा दिया। इसके बाद बातचीत के दौरान उसे बातों में उलझाया गया।
उसके मोबाईल पर अंकित धनेजा नाम के व्यक्ति ने फोनकर अपने आप को रविन्द्र का सर बताते हुये उसे यूपीआई और अकाउन्ट नंबर भेजे। उसने अंकित धनेजा के बताये हुये यूपीआई नम्बर एवं एकाउंट नम्बर में कुल 28 लाख रूपये विभिन्न दिनॉकों को ट्रांसफर किये है। रविन्द्र सिंह मोबाईल व व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से बोलता रहा कि आपका पैसा आ जायेगा किंतू आज दिनाँक तक पैसा नही आया। रविन्द्र सिंह एवं अंकित धनेजा नामक व्यक्तियो ने उसेे गलत नाम बताकर और उसके व्हाटसअप नंबर पर अपना फर्जी आई डी भेजकर छलपूर्वक लगभग 28,00,000 रूपये अवैध रूप से प्राप्त कर धोखाधड़ी की है।
रकम ऐंठ मौत का दिखाया डर
पीडि़ता ने बताया कि 14 जनवरी को सुबह रविन्द्र के मोबाईल नंबर से उसके मोबाईल पर फोन आया और रवीन्द्र ने बात नही किया, किसी और ने बात कर उससे बोला कि रविन्द्र की मौत हो गई है, रविन्द्र के फोन में आखिरी काल आपका है, आप कहां रहती है, आपके पास उनकी पत्नि और परिवार वाले आ रहे है, जिसके बाद उसने घटना की जानकारी अपने देवर सुरेश पागे अपने दोस्त श्रीमति निवेदिता जेम्स को दी जिनके द्वारा बताया गया कि आपके साथ धोखाधडी हुई है। आरोपी रविन्द्र सिंह, अंकित धनेजा नामक व्यक्ति द्वारा एक राय होकर धोखाधड़ी करना पाये जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया।
