
भोपाल। बैतूल जिले के भैंसदेही क्षेत्र स्थित ढाबा गांव में करीब 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित स्कूल भवन को ढहाए जाने का मामला अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह शिक्षा और विकास की प्राथमिकताओं को लेकर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना को आधार बनाकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है।
उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए लिखा कि एक ओर पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया जैसे नारे दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के लिए बनाए गए भवन को गिरा दिया गया। उन्होंने तर्क दिया कि जब ग्राम सरपंच की एनओसी उपलब्ध थी और भवन का उद्देश्य स्पष्ट रूप से शिक्षा से जुड़ा था, तो मामूली तकनीकी कमियों के नाम पर उसे तोड़ना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।
नेता प्रतिपक्ष ने इसे बुलडोजर आधारित विकास मॉडल करार देते हुए कहा कि ढाबा गांव का यह स्कूल आसपास के कई गांवों के बच्चों के लिए शिक्षा का केंद्र बन सकता था, लेकिन सरकार की नीतियों के चलते वह सपना टूट गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यह मामला उसी जिले का है, जहां से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आते हैं, जिससे सरकार की शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर और सवाल खड़े होते हैं।
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में हजारों सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं और अब निजी प्रयासों से बनने वाले स्कूल भी बाधाओं का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह कदम प्रदेश को प्रगति नहीं बल्कि अशिक्षा की ओर ले जाने वाला साबित हो सकता है।
