
सतना: पिछले 5 महीने से मानदेय का भुगतान नहीं होने से नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी की गई. सीएमएचओ ने 15 दिनों में समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया है.आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार काम करने के बावजूद उन्हें पांच महीने से वेतन नहीं दिया गया है, जिससे रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
इसी कड़ी में आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी कोई छोटी सी भी लापरवाही सामने आती है तो हम पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होने लगती है, लेकिन जब वेतन की बात आती है तो उसके लिए कोई भी सक्षम अधिकारी सामने नहीं आता है. हम आशा कार्यकर्ता लोगों के घर-घर जाकर विभिन्न प्रकार के कार्यों को पूरा करते हैं, लेकिन हमें वेतन नहीं मिलेगा तो हम अपने घर का खर्चा कैसे चलाएंगे. हमारे बच्चों की स्कूल की फीस सहित अन्य सुविधाएं बाधित हो चुकी है. शासन प्रशासन हमें हमारा वेतन दिलवा दे. वरना हम लोग काम बंद करके हड़ताल पर जाएंगे.
सीएमएचओ ने दिया आश्वासन
इस मामले पर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने कहा कि “मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं ने एक ज्ञापन सौंपा है. जिसमें उनका मानदेय काफी समय से लंबित है. कुछ लोगों को 2 महीने से लेकर 5 महीने तक का वेतन भुगतान लंबित है. आशा कार्यकर्ता एवं आशा सुपरवाइजर का भी मानदेय लंबित है। उन्होंने आगे बताया कि “पूर्व में वेतन की जो व्यवस्था थी वो ई-वित्त के माध्यम से ब्लाकों से बीएमओ लेवल पर होती थी. उस समय कुछ बजट की समस्या थी. जिससे ब्लॉकों से पेमेंट पेंडिंग थे. आशा कार्यकर्ता छोटे कर्मचारी हैं और उन्हें समय से मानदेय नहीं मिलने पर परेशानी हो जाती है. उनकी पीड़ा हम समझ सकते हैं. करीब 15 दिनों की प्रक्रिया के बाद सभी का भुगतान किया जाएगा. कोई भी आशा काम बंद न करें. हम इसका प्रयास करेंगे.
