चेन्नई, 13 जनवरी (वार्ता) श्रीलंकाई नौसैनिकों ने मंगलवार सुबह समुद्र में मछली पकड़ते समय तमिलनाडु के 10 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया । मत्स्य पालन विभाग के सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
विभाग के सूत्रों के अनुसार, जब रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम द्वीप के मछुआरे नेदुनतीवू के पास मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पार करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। नौसेना ने उनकी नाव जब्त कर ली और आगे की कार्रवाई के लिए सभी मछुआरों को श्रीलंका के जाफना ले गयी।
मछुआरों की गिरफ्तारियों से तटीय जिलों के मछुआरा समुदाय में काफी नाराजगी है। इसका सीधा असर उनकी आजीविका पर पड़ता है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने मछुआरों की रिहाई के लिए राजनयिक स्तर पर कदम उठाने के लिए कई बार केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने इस जटिल समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए दोनों देशों के मछुआरों के ‘संयुक्त कार्य समूह’ की बैठक बुलाने की भी मांग की है। इसके बावजूद गिरफ्तारियां जारी रहने से राज्य के मछुआरा समाज में गहरी चिंता पैदा कर दी है।
विभिन्न मछुआरा संघों ने मछुआरों की गिरफ्तारी की बार-बार होने वाली घटनाओं की निंदा की है और केंद्र तथा राज्य सरकारों से पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में अपनी मछली पकड़ने के अधिकारों को बहाल करने और उनकी आजीविका को बनाये रखने के लिए स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया है।
श्री स्टालिन ने 1974 में केंद्र से समझौते के तहत श्रीलंका को सौंपे गये छोटे द्वीप कच्चतीवु को वापस लेने का आग्रह किया और कहा कि इससे ही मछुआरों के मछली पकड़ने के अधिकारों को बहाल करने का स्थायी समाधान निकलेगा। इस संबंध में राज्य विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित किया गया है।
