सात दिन में भुगतान नहीं तो किसान वापस लेंगे अपनी उपज

मूंग-उड़द उपार्जन घोटाला: अधिकारियों पर गंभीर आरोप

जबलपुर: मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन फसल मूंग-उड़द का उपार्जन सहकारी समिति बसेड़ी के माध्यम से एमएलटी वेयरहाउस मजीठा में किया गया था, लेकिन जांच के नाम पर सैकड़ों किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान अब तक अटका हुआ है। किसानों ने अधिकारियों, समिति प्रभारी और वेयरहाउस संचालक पर मिलकर घोटाला करने और किसानों को फर्जी बताने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सात दिन में भुगतान नहीं हुआ, तो वे अपनी उपज वापस लेने आएंगे।किसानों का कहना है कि खरीदी बंद होने के बाद जांच में अनियमितता और कम माल पाए जाने का हवाला देकर भुगतान रोका गया।

कुछ को भुगतान किया गया, लेकिन सैकड़ों किसान आज भी कलेक्ट्रेट और तहसील के चक्कर काट रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों पर एफआईआर थी, उन्हीं अधिकारियों ने संदिग्ध किसानों की सूची तैयार की, जबकि किसानों के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। चार माह बीत जाने के बाद भी न जांच पूरी हुई, न भुगतान। किसानों ने सवाल उठाया कि भ्रष्ट अधिकारियों और उनके परिजनों का भुगतान कैसे किया गया, जबकि निर्दोष किसानों को रोका जा रहा है। पत्रकार वार्ता में अभय प्रताप सिंह, चन्दन पटैल, मोनू सिंह, देवेंद्र ठाकुर, राम सिंह, बबलू ठाकुर,भगवान सिंह आदि किसान उपस्थित रहे।

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