नयी दिल्ली, (वार्ता) चालू वित्त वर्ष में 11 जनवरी तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.82 प्रतिशत से बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। आयकर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी।
आयकर विभाग के अनुसार कुल संग्रह में 8.63 लाख करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह शामिल है, जबकि व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और अन्य संस्थाओं सहित गैर-कॉर्पोरेट संस्थाओं से एकत्र किया गया कर 9.30 लाख करोड़ रुपये रहा।
एक अप्रैल से 11 जनवरी के बीच प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) से 44,867 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ, जो पूंजी बाजारों में स्थिर गतिविधि को दर्शाता है।
कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत करों से प्रत्यक्ष कर संग्रह में 8.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रूपये हो गया।
इस बीच, इस अवधि के दौरान जारी किए गए कर धनवापसी में वार्षिक आधार पर 17 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर 3.12 लाख करोड़ रूपये रह गया।
चालू वित्त वर्ष की 11 जनवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह में कुल मिलाकर 4.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 21.50 लाख करोड़ रूपये तक पहुंच गया।
वित्त वर्ष 2026 (2025-26) के लिए सरकार ने प्रत्यक्ष कर संग्रह का अनुमान 25.20 लाख करोड़ रूपये लगाया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.7प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसके तहत, केंद्र सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 में प्रतिभूति लेनदेन कर के माध्यम से 78,000 करोड़ रूपये जुटाना है।
