भारत-जर्मनी ने सहयोग बढाने के लिए छह क्षेत्रों में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और अनेक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की

गांधीनगर 12 जनवरी (वार्ता) भारत और जर्मनी ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढाने के लिए सोमवार को यहां प्रौद्योगिकी, पारंपरिक चिकित्सा और नवीकरणीय ऊर्जा सहित छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये और करीब 20 क्षेत्रों में मिलकर काम करने के लिए घोषणाएं की। भारत यात्रा पर आये जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच यहां वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर के साथ ये घोषणाएं की गयी।

दोनों देशों ने महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। यह समझौता राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और इन्फिनियॉन टेक्नोलॉजीज एजी के बीच हुआ है। पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और शारिटे विश्वविद्यालय, जर्मनी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड के लिए जर्मन तकनीकी एवं वैज्ञानिक संघ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। साथ ही हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में ग्रीन अमोनिया के लिए भारतीय कंपनी एएम ग्रीन और जर्मन कंपनी यूनिपर ग्लोबल कमोडिटीज के बीच ऑफटेक समझौता किया गया।

सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्र में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर, लोथल तथा जर्मन समुद्री संग्रहालय–लाइबनिज समुद्री इतिहास संस्थान, ब्रेमरहैवन के बीच गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के विकास के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये।

साथ ही हॉकी इंडिया और जर्मन हॉकी महासंघ के बीच युवा हॉकी विकास पर भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये।

इसके अलावा दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर संयुक्त आशय की घोषणा की। व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के फोरम की स्थापना के माध्यम से द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर संयुक्त आशय घोषणा की गयी जो संयुक्त भारत–जर्मनी आर्थिक एवं निवेश समिति का अभिन्न अंग होगी। महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत–जर्मनी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम साझेदारी , महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग और दूरसंचार के क्षेत्र में सहयोग बढाने की घोषणा की गयी।

विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में जैव-अर्थव्यवस्था में अनुसंधान एवं विकास और भारत–जर्मनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के कार्यकाल के विस्तार के बारे में संयुक्त सहयोग पर संयुक्त आशय घोषणा की गयी। इसके अलावा उच्च शिक्षा पर भारत–जर्मनी रोडमैप, स्वास्थ्य पेशेवरों की निष्पक्ष, नैतिक और सतत भर्ती के लिए वैश्विक कौशल साझेदारी की रूपरेखा शर्तों, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान, हैदराबाद में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना , खेल के क्षेत्र में सहयोग और डाक सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग पर संयुक्त आशय की घोषणा की गयी। दोनों देशों ने डाक विभाग, संचार मंत्रालय और डॉयचे पोस्ट एजी के बीच आशय पत्र की भी घोषणा की।

दोनों देशों ने जर्मनी से होकर ट्रांजिट करने वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-मुक्त पारगमन , ट्रैक 1.5 विदेश नीति एवं सुरक्षा संवाद की स्थापना, हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर द्विपक्षीय संवाद तंत्र की स्थापना, भारत–जर्मनी डिजिटल संवाद (2025–2027) की कार्य योजना को अपनाने, ग्रीन और सतत विकास साझेदारी के अंतर्गत 1.24 अरब यूरो की नई वित्तीय प्रतिबद्धताओं जिनसे नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, पीएम ई-बस सेवा और जलवायु-सहिष्णु शहरी अवसंरचना से जुड़े प्राथमिक परियोजनाओं को समर्थन मिलेगा, नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक निवेश के लिए भारत–जर्मनी मंच के अंतर्गत बैटरी भंडारण कार्य समूह की शुरुआत, भारत–जर्मनी त्रिकोणीय विकास सहयोग के अंतर्गत घाना, कैमरून और मलावी में परियोजनाओं के विस्तार और अहमदाबाद में जर्मनी के वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन की घोषणा की गयी।

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