नई दिल्ली | 12 जनवरी, 2026: वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू (World Population Review) ने साल 2026 के लिए दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की ताजा सूची जारी कर दी है। इस वैश्विक रैंकिंग में एक बार फिर अमेरिका ने अपना दबदबा कायम रखते हुए पहला स्थान हासिल किया है। सूची में दूसरे स्थान पर रूस और तीसरे स्थान पर चीन का कब्जा बरकरार है। हालांकि, सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और चौथी सबसे मजबूत सैन्य शक्ति होने के बावजूद भारत को इस बार टॉप-10 से बाहर रखा गया है। भारत को इस ग्लोबल रैंकिंग में 12वें स्थान पर जगह मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह रैंकिंग केवल आर्थिक या सैन्य क्षमता पर आधारित नहीं है, बल्कि इसके लिए कई जटिल मानकों को परखा गया है। इसमें किसी देश की तकनीकी उन्नति, जनसांख्यिकीय मजबूती, शासन की स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में प्रभावी नेतृत्व जैसे बिंदुओं को आधार बनाया गया है। देशों को मुख्य रूप से सैन्य गठबंधन, वैश्विक राजनीतिक प्रभाव, आर्थिक प्रभुत्व और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उनकी कूटनीतिक सक्रियता जैसी पांच विशेषताओं पर स्कोर दिया गया है। इसी व्यापक विश्लेषण के कारण भारत शीर्ष 10 देशों की सूची में जगह बनाने से चूक गया।
शक्तिशाली देशों का निर्धारण करने वाली यह रिपोर्ट U.S. News, BAV Group और पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल के सहयोग से तैयार की गई है। रिपोर्ट में स्वीकार किया गया है कि किसी देश की ‘ताकत’ को परिभाषित करना बेहद मुश्किल कार्य है, क्योंकि इसमें सांस्कृतिक प्रभाव से लेकर विदेश नीतियों के वैश्विक असर तक सब कुछ शामिल होता है। यह सूची दुनिया भर में किए गए एक विस्तृत सर्वे और विभिन्न मानकों पर लोगों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर तैयार की जाती है। भारत की 12वीं रैंक को लेकर अब वैश्विक विशेषज्ञों के बीच नई बहस छिड़ गई है।

