पोप लियो ने ट्रंप की नीतियों पर कहा कि राजनीतिक मकसद के लिए सैन्य बल का प्रयोग गलत है। उन्होंने वेनेजुएला संकट पर चिंता जताते हुए मानवाधिकारों की रक्षा की अपील की है।
वेटिकन सिटी के नवनियुक्त पोप लियो ने अपने पहले आधिकारिक वार्षिक संबोधन में वैश्विक राजनीति और संघर्षों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना वेनेजुएला जैसे देशों में सैन्य हस्तक्षेप और ताकत के बढ़ते उपयोग की तीखी आलोचना की। पोप ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों की कमजोरी पर चिंता जताते हुए कहा कि अब बातचीत की जगह युद्ध का जुनून हावी होता जा रहा है। मई में कार्यभार संभालने वाले अमेरिकी मूल के इस पोप के भाषण के दौरान अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के राजदूत वहां मौजूद थे।
