नई दिल्ली/वाशिंगटन | 08 जनवरी, 2026: ईरान में जारी भीषण सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक टीवी इंटरव्यू में ग्राहम ने चेतावनी दी कि यदि ईरानी सुरक्षा बलों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या नहीं रोकी, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खामेनेई को मारने का आदेश दे सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब ईरानी जनता के खिलाफ होने वाले हिंसक दमन को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मच गया है और इसे ईरान के खिलाफ अमेरिका के अब तक के सबसे कड़े रुख के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान में बढ़ती महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ पिछले एक सप्ताह से राजधानी तेहरान समेत देश के ग्रामीण इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। अब तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग ‘खामेनेई मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए सड़कों पर मार्च कर रहे हैं, जो ईरान के कट्टरपंथी शासन के लिए एक असाधारण चुनौती है। यह विद्रोह अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पश्चिमी शहर अब्दानन जैसे छोटे इलाकों में भी फैल चुका है, जहाँ भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच सीधा टकराव जारी है।
सीनेटर ग्राहम ने वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए ईरानी नेतृत्व को आगाह किया कि प्रदर्शनकारियों के मानवाधिकारों का हनन गंभीर परिणाम ला सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर जीवन की मांग करना लोगों का बुनियादी हक है और इसे गोलियों से नहीं दबाया जा सकता। अमेरिकी चेतावनी के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने अपने कड़े रुख में बदलाव नहीं किया, तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप या लक्षित हमले (Targeted Strikes) जैसे कड़े कदम उठा सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान के सुप्रीम लीडर की अगली प्रतिक्रिया और व्हाइट हाउस के संभावित कूटनीतिक फैसलों पर टिकी हुई हैं।

