गोयल ने लिकटेंस्टाइन में भारत- ईएफटीएस व्यापार समझौते की समीक्षा की, शीर्ष नेताओं से मिले

नयी दिल्ली, 07 जनवरी (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लिकटेंस्टाइन में भारत और पश्चिमी यूरोप के चार देशों के मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ व्यापारिक एवं आर्थिक भागीदारी समझौते (टेपा) की समीक्षा की।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि नये वर्ष में श्री गोयल की लिकटेंस्टाइन यात्रा ईएफटीए के साथ व्यापारिक आर्थिक सहयोग समझौते के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। ईएफटीए के सदस्य देशों में लिकटेंस्टाइन के साथ आइसलैंड , नार्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। उसके साथ समझौता भारतीय वस्तुओं की गुणवत्ता और निर्यात सूची में विविधता का संकेत मानी जाती है।

श्री गोयल ने लिकटेंस्टीन के वादुज़ कैसल में युवराज एलोइस वॉन अंड ज़ू से शिष्टाचार भेंट की। वह प्रधानमंत्री ब्रिगिट हास से मिले तथा उप प्रधानमंत्री और विदेश, पर्यावरण और संस्कृति मंत्री सुश्री सबाइन मोनाउनी के साथ बैठक की।

वाणिज्य मंत्री उप प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित दोपहर भोज में शामिल हुए। उन्होंने हिल्टी कार्पोरेशन का दौरा भी किया और उसके शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत की। हिल्टी कॉर्पोरेशन लिकटेंस्टीन की बहुराष्ट्रीय कंपनी है। यह निर्माण, भवन रखरखाव, ऊर्जा और विनिर्माण उद्योगों के लिए उत्पादों का विकास, निर्माण और विपणन करती है।

ईएफटीए के साथ भारत के व्यापार और आर्थिक सहयोग समझौते का एक बड़ा लक्ष्य इसके सदस्य देशों से भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश लाना है। इससे भारत में दस लाख नौकरियां पैदा हो सकती है।

इस समझौते के तहत ईएफटीएक के भारत की गैर कृषि वस्तुओं को शत-प्रतिशत शुल्क मुक्त प्रवेश और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों पर शुल्क में में छूट दी गयी है। भारत ने इन देशों के उत्पादों को प्रवेश देते हुए फार्मा, मेडिकल उपकरण और प्रसंस्कृत खाद्य जैसे क्षेत्रों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा गया है।

ईएफटीए देशों को भारत की पेशकश 82.7 श्रेणियों से जुड़ी है जो वहां के 95.3 प्रतिशत निर्यात उत्पादों को शामिल करती है। वहां से भारत को होने वाले आयात में 80 प्रतिशत से ज़्यादा सोना है और सोने पर प्रभावी शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है। फार्मा, मेडिकल डिवाइस, प्रसंस्कृत खाद्य, डेयरी, सोया, कोयला और संवेदनशील कृषि उत्पादों सहित संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखा गया है।

श्री गोयल लिकटेंस्टाइन के बाद गुरुवार से दो दिवसीय महत्वपूर्ण आधिकारिक वार्ता के लिए ब्रुसेल्स में होंगे जिसमें भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिया जा सकता है। वह वहां यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस शेफकोविच के साथ मंत्रिस्तरीय वार्ता करेंगे ताकि लंबित मुद्दों का समाधान किया जा सके। दोनों पक्ष एक संतुलित एवं महत्वाकांक्षी समझौते को शीघ्रता से संपन्न करने की इच्छा पहले ही जाहिर कर चुके हैं।

श्री गोयल और श्री शेफकोविच के बीच यह मंत्रिस्तरीय बैठक दोनों पक्षों के बीच ब्रुसेल्स में एक सप्ताह से चल रही आधिकारिक स्तर की गहन बातचीत के बाद होने जा रही है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल यूरोपीय आयोग की व्यापार महानिदेशक सबाइन वेयंड के साथ ब्रुसेल्स में कल से उच्च स्तरीय आधिकारिक चर्चाओं में शामिल हैं।

 

 

 

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