
इंदौर. भगीरथपुरा में प्रदूषित पेयजल से फैली बीमारी के बाद अब इलाज के खर्च को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. मरीजों को भर्ती कर उपचार करने वाले शहर के 35 से अधिक निजी अस्पतालों से हेल्थ विभाग ने इलाज का पूरा हिसाब किताब मांगा है. प्रशासन का कहना है कि पीड़ितों के इलाज की जिम्मेदारी सरकार ने ली है, इसलिए निजी अस्पतालों को इलाज से जुड़े बिल और दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे.
भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से बीमार पड़े मरीजों का इलाज शासकीय अस्पतालों के साथ साथ निजी अस्पतालों में भी कराया. सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि 43 अस्पतालों में मरीजों का उपचार हुआ, जिनमें करीब 38 निजी अस्पताल शामिल हैं. इन सभी को नोटिस जारी कर इलाज से संबंधित बिल, भर्ती डिस्चार्ज का विवरण और खर्च का पूरा रिकॉर्ड मांगा जा रहा है. सभी दस्तावेज मिलने के बाद ही इलाज के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
