धान पंजीयन का सत्यापन न होने पर फूटा किसानों का गुस्सा, चक्का जाम कर किया विरोध प्रदर्शन

सतना: धान पंजीयन का सत्यापन न होने और धान की तौल के बाद खरीदी की अनियमितता से नाराज सिकमी किसान सड़कों पर उतर आए. किसानों ने सर्किट हाउस चौराहे पर चक्का जाम कर दिया. चक्का जाम की सूचना मिलने पर तुरंत एसडीएम, डीएसपी ट्रैफिक और सीएसपी टीआई मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्या सुनी.विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिले भर के अंदर सिकमी किसान के धान का पंजीयन सत्यापन नहीं हो रहा है. जिसके चलते धान की तोल के बाद भी खरीदी रुकी हुई है.

किसान इससे बेहद परेशान हैं. इससे नाराज किसान शहर के मुख्य चौराहे सर्किट हाउस में सड़कों पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया.  किसानों ने दी धरना जारी रखने की चेतावनी देते हुए कहा कि शासन स्तर पर किसानों से 2369 रुपए में धान खरीदा जाता है. वहीं व्यापारियों द्वारा धान खरीदी 10 से 12 रुपए प्रति किलो की जाती है. ऐसे में किसानों की लागत भी नहीं निकल पाएगी. जिसकी वजह से मंगलवार को किसान सड़कों पर उतरे. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर इच्छा मृत्यु की मांग की. मांग पूरी नहीं होने तक धरना जारी रखने की बात कही. लंबी चली समझाइश के बाद किसान किसी वहां से तरह हटने को राजी हुए।
600 किसानों की स्टॉल बुकिंग नहीं
किसानों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान विक्रय के लिए सभी किसानों ने कुछ रकबा का सिकमी बटाई के माध्यम से पंजीयन कराया था. जिसे खाद्य आपूर्ति अधिकारी द्वारा पूर्ण दस्तावेज न होने का हवाला देकर असत्यापित कर दिया गया. जिसके कारण जिले भर के करीब 600 किसानों का स्टॉल बुकिंग नहीं हो रहा है. धान खरीदी के लिए सिर्फ 2 दिन का समय बचा हुआ है. ऐसे में अगर स्लॉट बुक नहीं हुआ तो किसान अपना धान नहीं बेच पाएंगे.
  इनका कहना है
“धान पंजीयन सत्यापन नहीं होने से सिकमी किसान परेशान हैं. जिले भर में सिकमी के करीब 600 किसान हैं. ये भोपाल स्तर का मामला है. इसमें जो भी शासन से निर्णय होगा हम उस पर किसानों की मांग पूरी करने का प्रयास करेंगे.”
सम्यक जैन
जिला आपूर्ति अधिकारी

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