
कटनी। जिले में सरकारी धान के परिवहन के दौरान कथित अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। धान खरीदी के बाद परिवहन में लगे ट्रकों से रात के समय धान उतारे जाने का एक वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार स्लीमनाबाद से अग्रवाल ढाबा और पिपरोध क्षेत्र के बीच हाईवे किनारे कुछ ट्रकों को रोका गया और बिना नंबर की पिकअप गाड़ियों के माध्यम से धान के बोरे उतारे गए। यह गतिविधि देर रात की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में सड़क किनारे धान उतारे जाने की गतिविधि दिखाई दे रही है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती है।
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले में कुछ ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों की संलिप्तता की आशंका है। बताया जा रहा है कि यह धान बाजार में बेचे जाने की तैयारी में था, जिससे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह भी चर्चा में है कि बिना नंबर की पिकअप के माध्यम से एक संगठित तरीके से यह गतिविधि संचालित की जा रही थी। सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी मात्रा में धान की आवाजाही और निकासी की जानकारी संबंधित विभागों तक क्यों नहीं पहुंची।
मामले को लेकर जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने जांच की बात कही। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और यदि अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या इस कथित अवैध गतिविधि पर प्रभावी कार्रवाई हो पाती है या नहीं।
