
उज्जैन। घातक चाइना डोर से पतंगबाजी करने वाले नहीं मान रहे है। एक बार फिर चाइना डोर का शिकार पंडिताई करने वाला युवक हो गया। उसे खून से लथपथ हालत में 2 युवक अस्पताल लेकर पहुंचे। चरक में युवक को एक दर्जन से अधिक टांके लगाये गये। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने रैफर किया गया है।
जयसिंहपुरा क्षेत्र में किराये से रहने वाला विनय पिता घनश्याम तिवारी 22 साल मूलरूप से जीरापुर का रहने वाला है। उज्जैन में रहकर वह पंडिताई का काम कर रहा है। शाम 5.30 बजे के लगभग जयसिंहपुरा घर से बाइक पर सवार होकर निकला था। कुछ दूरी पर लालपुल के पास आते ही चाइना डोर गले में उलझ गई, वह संभल पाता उससे पहले गला कटते ही बाइक से गिर पड़ा। वहां मौजूद 2 युवक अर्जुन माली निवासी जयसिंहपुरा और गोलू माली निवासी प्रेमनगर ने उसे गिरते देखा तो दौडक़र उठाया, लेकिन विनय लहूलुहान हो चुका था। उसके गले में चाइना डोर फंसी थी। दोनों उसे तत्काल बाइक से चरक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उपचार के लिये ऑपरेशन थियेटर में भेजा। जहां डॉ. अंशु वर्मा ने तीन लेअर में टांके लगाये और फंसी डोर को काटकर निकाला। लेकिन खून अधिक बहने पर युवक की हालत गंभीर बनी हुई थी। जिसे तत्काल रैफर किया गया। साथ में पंडिताई करने वाला दोस्त उसे उपचार के लिये निजी अस्पताल लेकर गया है। युवक का चाइना डोर से गला कटने की सूचना चरक अस्पताल से ड्यूटी कम्पाउंडर राजेन्द्र पटेल द्वारा महाकाल थाना पुलिस को दी गई है।
अब तक आधा दर्जन लोगों के साथ घटना
दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में प्रतिबंध लगने के बाद से अब तक आधा दर्जन लोगों के साथ प्रतिबंधित डोर से घटना होना सामने आ चुका है। सबसे पहले हरिफाटक ब्रिज पर स्कूटी सवार महिला बाल-बाल बची थी। उसके बाद 7 दिसंबर को घासमंडी ब्रिज पर विपुल महिवाल के गले में चायना डोर उलझी थी। उसे गले में 1 टांका लगाया गया था। लेकिन 20 दिसंबर को आगररोड खिलचीपुर नाका पर परिक्षा देकर लौट रहे योगेश आंजना निवासी ग्राम पिपलिया धूमा झारड़ा का गला बुरी तरह कट गया था। 27 दिसंबर को इंदिरानगर आगररोड पर हलवाई तुलसीराम राठौर निवासी गायत्री नगर की नाक कटी थी। 31 दिसंबर को जयसिंहपुरा में प्रेम पिता तिलक कुलवाडिया निवासी राजीव रत्न कालोनी का गला कटा था। योगेश और प्रेम का अब भी उपचार जारी है। दोनों को 10-10 टांके से अधिक लगाना पड़े थे।
