
छतरपुर। जिले का नौगांव सोमवार को प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर मात्र 1.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि खजुराहो में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भीषण ठंड के चलते नौगांव सीवियर कोल्ड-डे की स्थिति में है, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का सीधा असर अब बुंदेलखंड अंचल में दिखाई दे रहा है। ठंडी उत्तर-पूर्वी हवाओं ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। रविवार रात नौगांव में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस था, जो सोमवार सुबह और गिरकर 1.0 डिग्री पर आ गया।
दिन के समय भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। रविवार को नौगांव का अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से काफी कम है। कड़ाके की सर्दी का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर देखने को मिल रहा है।
इस बार नौगांव ने ठंड के मामले में पचमढ़ी को भी पीछे छोड़ दिया है, जिसे लंबे समय से मध्यप्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र माना जाता रहा है। ठंड के कारण शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगता है, लोग अलाव का सहारा लेते नजर आते हैं और रातें बेहद सर्द हो गई हैं।
