लंदन, 04 जनवरी (वार्ता) ब्रिटेन और फ्रांस की वायु सेनाओं ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के एक पुराने भंडार ग्रह को निशाना बनाने के लिये एक संयुक्त हवाई अभियान को अंजाम दिया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में खुलासा किया कि उसने हथियार रखने के लिये इस्तेमाल किये गये इस्लामिक स्टेट के भंडार ग्रह पर फ्रांसीसी वायु सेना के साथ मिलकर हमला किया। बयान में कहा गया, “रॉयल एयर फोर्स के लड़ाकू विमान ने फ्रांस के साथ मिलकर दाएश (इस्लामिक स्टेट) के खिलाफ एक सफल संयुक्त अभियान को अंजाम दिया है।”
बयान में कहा गया, “यह भंडार ग्रह पहले दाएश के कब्ज़े में था, जहां संभवतः हथियार और विस्फोटक रखे जाते थे। इस इकाई के आसपास के इलाके में कोई नागरिक नहीं रहते।”
बयान के अनुसार ब्रिटिश वायु सेना ने पलमिरा के उत्तर में मौजूद पहाड़ी इलाके में एक भूमिगत इकाई की पहचान की। वायु सेना ने यहां कई सुरंगों को निशाना बनाने के लिये पेववे-4 बमों का इस्तेमाल किया, जिन्हें निशाने की ओर दिशा दी जा सकती है। शुरुआती जानकारी के अनुसार सभी निशानों को तबाह कर दिया गया है।
इस बीच फ्रांसीसी सशस्त्र बलों ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि दोनों नाटो सहयोगियों ने ‘ऑपरेशन इन्हेरेंट रिज़ॉल्व’ के तहत “आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हमले किए।” बयान में कहा गया कि दाएश के फिर से उभरने को रोकना इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मुद्दा है।
उल्लेखनीय है कि सीरिया में इस्लामिक स्टेट को सैन्य स्तर पर 2019 में हरा दिया गया था, लेकिन यह अभी भी कुछ इलाकों में मौजूद है, खासकर सीरिया के बड़े रेगिस्तान में उसका बोलबाला है। पालमायरा पर भी एक वक्त पर दाएश लड़ाकों का नियंत्रण था।
अमेरिका ने दिसंबर 2025 में कहा था कि पालमायरा में एक अकेले दाएश बंदूकधारी ने अमेरिकी लोगों पर हमला किया, जिसमें दो सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक मारा गया था।
