
इंदौर. भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है. रविवार को क्षेत्र में 20 नए मरीज सामने आए, जबकि 256 मरीजों को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है. वर्तमान में 142 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 11 मरीज आईसीयू में उपचाररत हैं. राहत की बात यह रही कि रविवार की शाम तक किसी मरीज की मौत की जानकारी नहीं आई है.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक प्रभावित क्षेत्र के 2354 घरों का सर्वे किया जा चुका है, जिसमें 9416 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई. इस दौरान पुराने 429 मरीजों का फॉलोअप भी किया गया. प्रत्येक घर में 10 पैकेट ओआरएस, 30 जिंक गोलियां और पानी शुद्ध करने के लिए क्लीन वॉटर किट वितरित की गई. साथ ही नागरिकों को इनके सही उपयोग की जानकारी दी गई. क्षेत्र में 17 स्वास्थ्य दल तैनात किए गए हैं, जिनमें कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, सुपरवाइजर, जन अभियान परिषद और एनजीओ के सदस्य शामिल हैं. ये दल घर-घर जाकर दूषित पानी से होने वाली बीमारियों के दुष्परिणामों को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं.
क्षेत्र में 5 एंबुलेंस और 24 घंटे डॉक्टर तैनात
कलेक्टर के निर्देश पर क्षेत्र में 5 एंबुलेंस लगाई गई है और 24 घंटे डॉक्टर क्षेत्र में तैनात हैं. गंभीर मरीजों को एमवाय अस्पताल, अरविंदो अस्पताल और बच्चों को चाचा नेहरू अस्पताल रेफर किया जा रहा है. निजी अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों को भी नि:शुल्क जांच और दवा उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने दिए हैं. उन्होंने मीडिया के माध्यम से नागरिकों से अपील की है कि वे उबला या शुद्ध पानी ही पिएं और लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.
