ग्वालियर: शहर के विभिन्न बाजारों में रिक्त निगम की ऐसी दुकानें जिनके लिए पांच बार टेंडर किए जा चुके हैं। उन्हें अब नियमानुसार किराये पर देने की कार्यवाही करें। जिससे दुकानों का लाभ आम नागरिकों को मिल सके और निगम को भी आय प्राप्त हो सकें। यह बात निगम आयुक्त संघ प्रिय ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कही। निगमायुक्त संघ प्रिय ने क्षेत्रवार निगम की रिक्त दुकानों की जानकारी ली जिसमें संबंधित अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 183 दुकानें रिक्त हैं तथा अनेक दुकानों के लिए पांच बार टेंडर आमंत्रित कर चुके हैं, लेकिन अभी तक दुकान आवंटित नहीं हो सकी।
जिसको लेकर संबंधित अधिकारियों को ऐसी दुकानों को किराये पर देने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य जो दुकानें रिक्त हैं उनके लिए भी टेंडर आदि की जो भी प्रक्रिया होनी है उसे तत्काल पूर्ण करें। बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग का वार्षिक वसूली लक्ष्य 24.52 करोड है, लेकिन इसके एवज में 5.24 करोड वसूली हो सकी है। जिसको लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए वसूली के लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि निगम की दुकान, पीडी, चबूतरों से राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न हो तथा वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग करें। वसूली में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कडी कार्यवाही की जाएगी। वहीं वसूली कार्य में लापरवाही करने पर कर संग्रहक आशीष सोन पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने कहा कि जो दुकानदार किराया न दे तत्काल उसकी दुकान पर तालाबंदी करें तथा प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को वसूली हेतु विशेष अभियान चलाया जाए।
