नई दिल्ली। 30 दिसंबर, 2025। उत्तर भारत में बढ़ते कोहरे के प्रभाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के सुचारू परिचालन के लिए कमर कस ली है। रेलवे बोर्ड ने उत्तरी, उत्तर-पूर्व और उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ट्रेनों की ‘रियल टाइम मॉनिटरिंग’ करें ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख रेल मंडलों में अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। बोर्ड का लक्ष्य है कि खराब मौसम के बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी को न्यूनतम किया जाए और यात्रियों को समय पर उनके गंतव्य तक पहुँचाया जाए। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर एक विशेष वॉर रूम सक्रिय किया गया है जो चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखेगा।
कोहरे के कारण अक्सर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से शुरू होती हैं, जिससे निपटने के लिए रेलवे ने ‘स्पेयर रेक’ (अतिरिक्त ट्रेन सेट) उपलब्ध कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। विशेष रूप से नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए उत्तरी रेलवे ने 20 कोच वाली एक रेक को मेंटेनेंस स्पेयर के रूप में रिजर्व रखा है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम-मध्य रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे और दक्षिणी रेलवे से भी अतिरिक्त एसी कोच मंगाए जा रहे हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि कोई मूल ट्रेन कोहरे के कारण देरी से पहुंचती है, तो उसके बदले स्पेयर रेक को समय पर रवाना किया जा सके, जिससे यात्रियों का समय बर्बाद न हो।
सिर्फ ट्रेनों का परिचालन ही नहीं, बल्कि यात्रियों के खानपान और आराम का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। IRCTC ने एक समर्पित वॉर रूम शुरू किया है, जो ट्रेनों में कैटरिंग से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान करेगा। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि स्पेयर रेक से चलने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों को वही सुविधाएं मिलेंगी जो नियमित ट्रेनों में मिलती हैं, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाला भोजन, साफ बिस्तर (Linen) और ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग (OBHS) शामिल है। रेलवे बोर्ड और IRCTC के वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त रूप से इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं ताकि कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच रेल सफर सुरक्षित और आरामदायक बना रहे।

